उत्तराख्ांड के रुद्रप्रयाग में आपदा राहत कार्यों में लगे एसडीएम अजय अरोड़ा के साथ हुए हादसे की खबर मीडियाकर्मियों को मिली, लेकिन जिला प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं थी। आलम यह रहा कि कई घंटे बाद भी प्रशासन ने अरोड़ा के परिजनों की सुध लेना जरूरी नहीं समझा।
मीडियाकर्मी अरोड़ा के घर पहुंचे तो पड़ोसियों ने उनसे अफसरों के नंबर हासिल कर बात की। इसके बाद प्रशासन की नींद खुली और वे अरोड़ा के घर पहुंचे।
इस दौरान पति की जानकारी लेने को परेशान अरोड़ा की पत्नी का गुस्सा अफसरों पर फूट पड़ा। उन्होंने घर पहुंचे अधिकारियों से पूछा, ‘अब क्या बताने आए हो?’ तो अफसरों से कोई जवाब देते नहीं बना।
पाम सिटी में एसडीएम अजय अरोड़ा की पत्नी मोना अरोड़ा दो बेटों रजत और मयंक संग रहती हैं। बुधवार को रुद्र्रप्रयाग में नदी में बह जाने की खबर मीडिया में आते ही उनके घर पर पड़ोसियों का तांता लग गया। इस बीच मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए।
इस दौरान मोना ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि स्थानीय प्रशासन ने न तो पति के बारे में कोई जानकारी दी, न ही उनकी कोई सुध ली गई। इस दौरान कुछ पड़ोसियों ने मीडियाकर्मियों से प्रशासनिक अधिकारियों के नंबर हासिल कर उनके फोन घनघनाने शुरू किए।
अधिकारी देर शाम तक जमे रहे
इसके बाद एडीएम झरना कमठान, एडीएम प्रताप सिंह शाह आदि अधिकारी अरोड़ा के घर पहुंचे। मोना ने इन अधिकारियों से भी नाराजगी जताई। इसके बाद अधिकारी देर शाम तक वहीं जमे रहे। हालांकि, रुद्रप्रयाग से देर शाम तक बचाव के प्रयासों की ही खबर आती रही।
रात को विधायक गणेश जोशी भी अरोड़ा के परिजनों से मिलने पहुंचे। अजय का बड़ा बेटा रजत पेट्रोलियम विवि में बीटेक, जबकि मयंक दून इंटरनेशनल में 11वीं का छात्र है।