आशंका थी कि ये अंग शिकारियों ने यहां दबाए हुए हैं। इसके कुछ दिन बाद वन विभाग ने रायवाला निवासी सोनू को गिरफ्तार कर लिया था। उससे जब पूछताछ की गई तो उसने शिकार में पंछी, सहजान, योगेश और अजीवा का नाम भी टीम को बताया।
यही नहीं सोनू ने एक डिप्टी रेंजर का नाम भी वन विभाग को बताया। इस प्रकरण में वन विभाग ने पंछी, सहजान और योगेश को प्रमुख आरोपी बनाकर उनकी तलाश शुरू कर दी। तभी से पंछी और सहजान के पीछे वन विभाग की टीम लगी थी। बुधवार को वन विभाग को सूचना मिली थी कि पंछी और सहजान कोर्ट में सरेंडर करने वाले हैं।
इसी के चलते दोनों आरोपी बुधवार को साड़ी पहनकर अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचे। जब तक वन विभाग के कर्मचारी उन्हें पकड़ते वे कोर्ट में दाखिल हो चुके थे। वन विभाग की टीम इन दोनों का रिमांड लेने का प्रयास कर रही है। राजाजी पार्क के निदेशक सनातन ने बताया कि दोनों वांछित आरोपी पुलिस और वन विभाग की टीम से बचने के लिए साड़ी पहनकर कोर्ट में पहुंचे थे।