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Dehradun News: देह व्यापार का आरोपी तेइस साल बाद दोषमुक्त

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अनैतिक देह व्यापार के 23 साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी नवदीप उर्फ विक्की गर्ग को दोषमुक्त कर दिया। द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने बुधवार को मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। साक्ष्यों में विरोधाभास और गवाहों के बयानों में महत्वपूर्ण असंगतियां सामने आने के बाद अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ दिया।
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मामला वर्ष 2003 में डालनवाला थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, 21 दिसंबर 2003 की शाम करीब 5:45 बजे केदारपुरम स्थित मीना चड्ढा के मकान नंबर एमआईजी-75 में अनैतिक देह व्यापार की सूचना पर छापा मारा गया था। पुलिस ने मौके से नवदीप उर्फ विक्की गर्ग समेत चार लोगों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक, ग्राहकों ने रात बिताने के लिए 500-500 रुपये दिए थे। इस मामले में नवदीप गर्ग के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया था।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य होने का तर्क दिया। अभियोजन के अनुसार गवाहों के बयानों में कोई ऐसा विरोधाभास नहीं था, जिससे मामले की कहानी प्रभावित हो। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता दीपक कुमार ने पुलिस की कार्रवाई को ही सवालों के घेरे में रखा। उन्होंने तर्क दिया कि घटना से आरोपी का कोई संबंध नहीं था और अभियोजन के साक्ष्यों में गंभीर विरोधाभास हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। इसके बाद न्यायालय ने नवदीप उर्फ विक्की गर्ग को मामले में दोषमुक्त कर दिया।
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