श्रीनगर के जुयालगढ़ में हुई बस दुर्घटना के आरोपी ड्राइवर के बारे में जांच में एक से एक खुलासे होते जा रहे हैं। शातिर दिमाग का सुनील शादीशुदा होने के बावजूद वह दूसरी शादी की फिराक में था।
चमोली जनपद में बीए पास एक युवती से उसने शादी तक तय कर दी थी। सुनील घटना के दिन से ही लापता है। पुलिस आरोपी की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
शानिवार को मलेथा के समीप जुयालगढ पुलिया में हुई बस दुर्घटना का आरोपी ड्राइवर सुनील की वर्ष 2007 में लंबगांव टिहरी से शादी हो चुकी थी। उसकी पांच साल की एक बेटी भी है।
शादी की बात छुपाई
बावजूद इसके उसने चमोली जनपद में एक युवती से सगाई कर दी थी। युवती ने गोपेश्वर से स्नातक किया है। युवती का कहना है कि सुनील ने उसे नहीं बताया था कि वह शादीशुदा है। घटना के दिन सुबह सात बजे उसकी सुनील से बात भी हुई थी।
सुनील के पिता इंद्र सिंह (थाला, प्रतापनगर) ने बताया कि सुनील 2008 में बेटी के पैदा होने पर घर आया था। एक सप्ताह घर रहने के बाद वह वापस चला गया था। उसके बाद से वह घर नहीं आया। इस बीच उससे संपर्क भी नहीं हो पाया।
सुनील के ससुर नारायण सिंह ने इसी वर्ष जुलाई माह में प्रतापनगर तहसील में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। कीर्तिनगर कोतवाली के एसएसआई प्रेम सिंह चौहान ने बताया कि सुनील के मोबाइल को सर्विलांस पर डाला गया है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस व एसओजी की टीम दबिश दे रही हैं।
मोबाइल से शुरू हुई प्रेम कहानी
युवती ने बताया कि दो वर्ष पूर्व वह किसी काम से अपने पिता के साथ हरिद्वार गई थी। वहां से लौटते हुए उसके पिता का मोबाइल गाड़ी में ही छूट गया था। जब उसने नंदप्रयाग से अपने पिता के मोबाइल पर फोन किया तो सुनील ने उठाया।
उसने बताया कि सुनील ने उसके पिता का मोबाइल पोस्ट आफिस के माध्यम से उसे लौटाया था। जिसके बाद दोनों की बातचीत प्रेम कहानी में बदल गई।