एडवोकेट रमेश कुमार जायसवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त, संसदीय कार्यमंत्री ,वित्त मंत्री सहित कई अन्य मंत्रालयों को पत्र भेजकर राजनीतिक दलों के चुनावी घोषणा पत्रों के प्रति जवाबदेही तय की जाने की मांग की है। फ्री में सुविधाएं देने की घोषणा के बाबत संबंधित दल से पांच वर्ष के अनुमानित खर्चे का पूरा ब्योरा बांड सहित जमा कराया जाना चाहिए। खर्चे का पूरा भुगतान पार्टी के फंड से करने की अंडरटेकिंग और बैंक गारंटी की व्यवस्था की जानी चाहिए।
एडवोकेट जायसवाल के अनुसार चुनाव के दौरान तमाम राजनीतिक दल कई प्रकार के वादे अपने घोषणा पत्र में करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सब भूल जाते हैं और मनमाने तरीके से सत्ता पर काबिज रहते हैं। चुनावी घोषणा पत्र के संविधान और चुनाव आयोग में कोई स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई है। इससे आम जनता ठगी जाती है। ऐसे में चुनावी घोषणा पत्र को लिए विधिक दस्तावेज बनाया जाए साथ ही घोषणा करने वाले दल और जनप्रतिनिधि को विधिक रूप से जिम्मेदार बनाया जाए।