देहरादून। साइबर ठगी के मामलों की जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसे बैंक खाते का पता चला है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित धनराशि के लेनदेन के लिए किया जा रहा था। जांच के आधार पर पुलिस ने खाताधारक दर्शन सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, समन्वय पोर्टल/साइबर सेल के माध्यम से संदिग्ध बैंक खाता संख्या 48420200001504 की जांच की गई थी। जांच में यह खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की सहस्रधारा शाखा, देहरादून से संबंधित पाया गया। बैंक से प्राप्त विवरण के आधार पर खासाधारक की पहचान दर्शन सिंह निवासी सहस्रधारा रोड, गुजराड़ा क्षेत्र, देहरादून के रूप में हुई।
पुलिस ने बताया कि समन्वय पोर्टल पर इस खाते के खिलाफ एक ऑनलाइन साइबर शिकायत भी दर्ज मिली। शिकायत और खाते के लेनदेन संबंधी तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण में संकेत मिले कि खाते का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से अर्जित धनराशि के लेनदेन के लिए किया गया।
जांच में मिले बैंक अभिलेख, तकनीकी विश्लेषण और पोर्टल पर उपलब्ध शिकायतों के आधार पर प्रथम दृष्टया पुलिस ने माना कि खाताधारक ने अपने खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित रकम के लेनदेन के लिए किया या जानबूझकर अपना खाता आरोपियों को उपलब्ध कराया। पुलिस के मुताबिक यह कृत्य दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। जांच के बाद रायपुर थाने में 29 अगस्त की देर रात प्राथमिकी दर्ज की गई। रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया दून पुलिस लगातार साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे खातों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। अब तक कई म्यूल अकाउंट भी पकड़ में आ चुके हैं। शनिवार को प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस अब खाते में हुए लेनदेन, साइबर शिकायतों और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।