विकास की कैसी कीमत चुकानी पड़ती है यह जानना हो तो देहरादून में टर्नर रोड के व्यापारियों और स्थानीय लोगों से मिलें।
कल तक जिनका अच्छा धंध चल रहा था आज उन्हें खाने के लाले पड़ गए हैं। लोग बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं।
लहूलुहान हो जाना अब आम बात
दुर्घटनाओं में हाथ-पैर तुड़वाना और लहूलुहान हो जाना आम बात हो गई है। लोगों का कहना है कि जिस काम को एक माह में हो जाना चाहिए था, वह दो माह से लटका है।
एमडीडीए टर्नर रोड पर पिछले डेढ़ माह से ड्रेनेज सिस्टम बना रहा है। बड़ी पाइपें डालने के लिए पूरी टर्नर रोड को खोद दिया गया है। जहां पर पाइपें डाली गई हैं, वहां पर मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है।
बरसात में मिट्टी फैल गई है। जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। इस वजह से टर्नर रोड की लगभग ढाई सौ दुकानें प्रभावित हो रही हैं। जबकि कॉलोनीवासियों ने तो रास्ता ही बदल लिया है।
स्कूली बच्चों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टर्नर रोड पर पांच स्कूल हैं। स्कूल आते जाते वक्त कई बच्चे चोटिल भी हो चुके हैं।
गड्ढे में गिरे थे दो बच्चे
स्थानीय निवासी शाहिद खान बताते हैं कि कुछ दिन पहले दो बच्चे सड़क पर बने पानी से भरे खड्ड में गिर गए थे। कुसुम गोयल बताती हैं कि अब तो रिश्तेदारों ने घर आना छोड़ दिया है।
बताती हैं कि बीते रविवार को घर में आयोजन था, लेकिन करनपुर में रहने वाले रिश्तेदार इसलिए नहीं आए कि हमारी रोड बदहाल है।
गड्ढों के कारण चौपट हुआ धंधा
कपड़ा व्यापारी शमी का धंधा इस कदर चौपट हो गया है कि वह दुकान बेचने की सोच रहे हैं। पहले उनकी दुकान में पैर रखने की जगह नहीं होती थी लेकिन इधर दो माह से दुकान में कोई नहीं आया।
अच्छी कमाई की सोचकर ईद के लिए उधार लेकर दिल्ली से सामान खरीदा। लेकिन मूल लागत भी नहीं निकल पाई। विकास के लिए खुदी सड़क ने शमी के धंधे को मंदा कर दिया।
हिमालयन स्वीट शॉप के संचालक मुकेश रावत की दुकान में छह कारीगर हैं। अच्छा धंधा चलने के कारण कई युवकों को रोजगार दे रखा था, लेकिन अब एक-एक कर सभी को दुकान छोड़कर जाने के लिए कहा जा रहा है।
वजह खुदी सड़क की वजह से ग्राहक नहीं आने से कारोबार मंदा हो गया है। कारीगरों को तनख्वाह देने के लिए पैसे नहीं हैं।
बोले परेशान लोग
व्यापारी मंडल के महामंत्री विक्रम अग्रवाल बताते हैं कि पूरे बाजार के व्यापारी तनाव में हैं। व्यापार प्रभावित है। दो बार एमडीडीए में प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन अधिकारी हमारा दर्द नहीं समझ रहे हैं।
लिबास कार्नर संचालक समी ने बताया कि खराब सड़क के कारण त्योहार में इस बार ग्राहक नहीं आए। इस कारण लाखों रुपयों का सामान बेकार हो गया है। इसकी भरपाई कैसे हो सकेगी।
हम व्यापारियों की दिक्कतों को समझते हैं। कुछ दिन की बात है। मानसून जाने तक का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि उसके बाद ही सड़क पर रुका काम शुरू हो पाएगा।
- वंशीधर तिवारी, एमडीडीए सचिव