नैनीताल, हल्द्वानी समेत पूरे कुमाऊं क्षेत्र से रोजाना औसतन डेढ़ हजार से अधिक लोग देहरादून आना जाना करते हैं।
दून-कुमाऊं के बीच दूरी अधिक होने के कारण लोग ट्रेन से यात्रा को तरजीह देते हैं। लेकिन, कुमाऊं के लिए दून से मात्र एक सीधी ट्रेन है। इससे लोगों को असुविधा रहती है। लोगों की मांग है कि इस बार के रेल बजट में कुमाऊं के लिए दून से अतिरिक्त ट्रेन चलाने की व्यवस्था की जाए। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से भी केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की मांग की गई है।
अलग राज्य बनने के बाद देहरादून राजधानी बनी तो अन्य क्षेत्रों की तरह कुमाऊं मंडल से भी दून के लिए रोजाना की आवाजाही बढ़ी है। बड़ी संख्या में छात्र, सरकारी और निजी क्षेत्र के कामकाजी आदि लोग कुमाऊं से दून आते जाते हैं। अभी दून-कुमाऊं के बीच सिर्फ काठगोदाम एक्सप्रेस का संचालन होता है। यह ट्रेन भी रात करीब 11 बजे दून से रवाना होती है।
लंबे समय से क्षेत्रवासी सुबह या दोपहर के वक्त भी एक ट्रेन के संचालन की मांग करते आए हैं। कुमाऊं वासियों की यह भी मांग है कि रामनगर (जिला नैनीताल) से हरिद्वार तक तीन दिन चलने वाली इंटर सिटी एक्सप्रेस का रूट देहरादून तक किया जाए। लोगों को उम्मीद है कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु के बजट से कुमाऊं क्षेत्र के लिए दून से कोई अतिरिक्त ट्रेन निकलेगी।
काठगोदाम एक्सप्रेस में अक्सर वेटिंग रहती है। वैकल्पिक व्यवस्था कर जाना पड़ता है। इलाहाबाद से आने वाली लिंक एक्सप्रेस को दून पहुंचने पर काठगोदाम एक्सप्रेस बनाकर भेजा जाता है। लिंक एक्सप्रेस के देरी होने पर काठगोदाम एक्सप्रेस भी देरी से रवाना होती है। इसलिए एक अतिरिक्त ट्रेन की सख्त जरूरत है।
- डॉ. मोहन जोशी, रिटायर्ड डीन दून स्कूल एवं कुमाऊं के मूल निवासी
समय-समय पर हम यह मांग उठाते रहे हैं। दून से कुमाऊं के लिए एक अतिरिक्त ट्रेन चलनी चाहिए। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से रेल मंत्री तक इस मांग को रखेंगे।
- आरएस परिहार अध्यक्ष, कुर्मांचल सांस्कृतिक परिषद