हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेजों में अनुपस्थित चल रहे गेस्ट टीचरों को उत्तराखंड शासन ने तत्काल हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग को कहा गया है कि इनके स्थान पर प्रतीक्षारत गेस्ट टीचरों को तैनात कर दिया जाए।
बता दें कि प्रदेश में करीब 6014 गेस्ट टीचर हैं, जो लंबे समय से तदर्थ नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने सचिवालय कूच भी किया था। मुख्यमंत्री से उनकी कई बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन सरकार उनके मसले पर निर्णय लेने से हिचक रही है। सरकार के इस रुख से गेस्ट टीचरों की नाराजगी बढ़ रही है।
उधर, शासन ने गेस्ट टीचरों के हड़ताल पर जाने से स्कूलों पर पड़ रहे प्रभाव की समीक्षा कराई। विभागीय स्तर पर ये जानकारी दी गई कि कई स्कूलों से गेस्ट टीचर अनुपस्थित हैं। अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह ने स्कूलों से बगैर अनुमति अनुपस्थित चल रहे गेस्ट टीचरों को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश जारी किए।
साथ ही उन्होंने प्रतीक्षा सूची में तैनाती का इंतजार कर रहे गेस्ट टीचरों की उनके स्थान पर रखने को कहा। इस पर आंदोलनरत गेस्ट टीचर संघ के प्रवक्ता दौलत जगूड़ी ने कहा कि ऐसा आदेश राज्य के युवाओं के साथ छलावा होगा।
एक ओर अपने प्रतिनिधि राजेन्द्र शाह को भेजकर सीएम सहानुभूति दर्शा रहे हैं, दूसरी ओर अधिकारी गेस्ट टीचरों को हटाने के आदेश जारी कर रहे हैं। संगठन लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगा।