पछवादून और जौनसार-बावर के सबसे बड़े उप जिला अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था पर गहरा संकट खड़ा हो गया। शासन ने अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) समेत नौ विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक साथ तबादला कर दिया है। चिंता की बात यह है कि इन विशेषज्ञों के स्थान पर अब तक नए डॉक्टरों की तैनाती के आदेश जारी नहीं हुए। ऐसे में रोजाना 650 से 700 मरीजों का भार संभालने वाले इस अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने की आशंका है।
शासन स्तर से जारी तबादला सूची में उप जिला अस्पताल के कई प्रमुख चिकित्सक शामिल हैं। इनमें अस्पताल के सीएमएस व निश्चेतक डॉ. प्रदीप चौहान, वरिष्ठ सर्जन डॉ. नरेंद्र सिंह चौहान, वरिष्ठ मेडिकल अफसर डॉ. टीएस डुंगरियाल, पैथोलॉजिस्ट डॉ. राजेंद्र शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू राणा, ईएनटी सर्जन डॉ. पल्लवी कठैत, महिला सर्जन डॉ. संगीता शर्मा, नेत्र सर्जन डॉ. महेंद्र राय और डॉ. केसी शर्मा का नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि डॉ. केसी शर्मा पहले से ही दून अस्पताल में अटैच हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विशेषज्ञों के हटने से अस्पताल में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक की निरंतरता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
कई राज्यों और जिलों का प्रमुख उपचार केंद्र है अस्पताल
वर्तमान में विकासनगर का यह उप जिला अस्पताल केवल पछवादून और जौनसार-बावर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सीमांत राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित उत्तरकाशी और टिहरी जिले के मरीजों के लिए भी यह एक प्रमुख उपचार केंद्र है। यहां रोजाना ओपीडी में 650 से 700 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
बड़ी मुश्किल से पटरी पर आई थी व्यवस्था
वर्ष 2024 तक इस अस्पताल की हालत बेहद खराब थी। तब फिजीशियन समेत कई विशेषज्ञों के पद खाली थे और भवन व वार्ड भी बदहाल थे। नवंबर 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी सविन बंसल ने अस्पताल का दौरा किया, जिसके बाद यहां व्यवस्थाओं में तेजी से सुधार शुरू हुआ था।अब स्थानीय लोगों काे डर है कि यदि जल्द नई तैनाती नहीं हुई तो अस्पताल फिर अपने पुराने हालात में पहुंच जाएगा।
उप जिला अस्पताल में सीएमएस समेत नौ विशेषज्ञों का एक साथ तबादला बेहद चिंताजनक है। यह अस्पताल पछवादून और जौनसार-बावर के लाखों लोगों की स्वास्थ्य जरूरतों का प्रमुख केंद्र है। इतनी बड़ी संख्या में विशेषज्ञों के हटने से मरीजों को गंभीर परेशानी होगी। - रोशन नेगी, अध्यक्ष, पछवादून गढ़वाल सभा
पिछले कुछ महीनों में अस्पताल की व्यवस्थाएं बड़ी मुश्किल से सुधरी थीं। अब एक साथ इतने विशेषज्ञों के तबादले से पूरा तंत्र प्रभावित हो जाएगा। यदि जल्द वैकल्पिक तैनाती नहीं हुई तो दूर-दराज से आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ेगी। - रमेश बिंजोला, सेवानिवृत्त कर्मचारी
तबादले शासन स्तर से हुए हैं। अस्पताल में पिछले कुछ समय में टीम वर्क के जरिए व्यवस्थाओं को बेहतर करने का प्रयास किया गया। मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए सभी विशेषज्ञों और स्टाफ ने मिलकर बेहतरीन काम किया। - डॉ. प्रदीप चौहान, सीएमएस, उप जिला अस्पताल विकासनगर