परिवहन विभाग से जुड़ी सेवाओं के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। दो अलग-अलग शिकायतकर्ताओं ने कुछ व्यक्तियों पर सरकारी नौकरी दिलाने और सस्ते दाम पर वाहन उपलब्ध कराने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का आरोप लगाया है। उधर विभागीय अधिकारियों ने पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता ऋषि सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी आशीष शर्मा ने स्वयं को आरटीओ विभाग से जुड़ा बताते हुए नीलामी में सस्ते वाहन दिलाने का भरोसा दिलाया और उनसे करीब 1.54 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद न तो वाहन दिलाया गया और न ही पैसे लौटाए गए। उल्टा पैसे मांगने पर जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
इसी तरह एक अन्य शिकायतकर्ता राकेश राठौर ने भी परिवहन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि आशीष शर्मा और उसके कथित साथी विपिन शर्मा ने उनके बेटे को आरटीओ में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये लिए। साथ ही वाहनों की नीलामी के नाम पर अलग-अलग किश्तों में 3.80 लाख रुपये की ठगी की गई। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो नौकरी लगी और न ही कोई वाहन मिला। विभाग की प्रथम दृष्टया जांच में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचना जैसे गंभीर अपराध सामने आने पर थाना डालनवाला को प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।