जौनसार बावर की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए ग्लोबल शिक्षा समिति ने साहिया स्थित एसएमआर डिग्री कॉलेज में जौनसारी जनजातीय संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को समिति की वार्षिक बैठक में सर्व सहमति से यह निर्णय लिया गया।
समिति के महासचिव अनिल सिंह तोमर ने बताया कि कॉलेज के इतिहास विभाग के पदेन प्राध्यापक इस संग्राहलय के नोडल अधिकारी होंगे। इनकी देखरेख में संस्कृति के संरक्षण से जुड़ी वस्तुओं को एकत्रित करने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि संग्रहालय के माध्यम से लोग जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र की जीवन शैली को देख और महसूस कर सकेंगे। क्षेत्र की भाषा, रहन-सहन, खान-पान और संस्कृति पर शोध भी किए जा सकेंगे। संग्रहालय में जनजातीय क्षेत्र की कला, संस्कृति, परंपरा, जीवन उपयोगी शिल्प चित्रों और रीति-रिवाजों को चित्रपटों एवं मूर्तियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
पुस्तकालय की होगी व्यवस्था
तोमर ने बताया कि क्षेत्र में पुस्तकालय का भी अभाव है। ऐसे में क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्रों की शिक्षा में किताबों का अभाव बाधा न बनें, इसलिए कॉलेज में पुस्तकालय भी बनाया जाएगा। इसमें ज्ञान, विज्ञान, कला, संस्कृति, इतिहास एवं अन्य विविध विषयों पर करीब पांच हजार पुस्तकों का संग्रह तैयार किया जाएगा। बैठक में समिति के अध्यक्ष सरदार सिंह तोमर, महिपाल सिंह तोमर, निदेशक शक्ति सिंह, प्राचार्या डॉ. रेनू गुप्ता, प्रशासनिक अधिकारी सुनील शर्मा, जनसंपर्क अधिकारी प्रदीप थलवाल, गंभीर चौहान, सुरेश चौहान, सुमन तोमर, सुशीला देवी, नितिन तोमर, संदीप सिंह, अक्षय तोमर, अंकित तोमर, रीता तोमर, पुलमा पंवार, सोनिया तोमर आदि मौजूद रहे।