-अब और बेहतर ढंग हो सकेगी कार्यों की निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण (कैंपा) मद से होने वाले हर कार्य की अब डिजिटल आईडी बनाई जाएगी। इससे कार्यों की ऑनलाइन निगरानी के साथ मौके पर उनकी स्थिति का सत्यापन भी किया जा सकेगा। नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कैंपा के तहत हर साल वन प्रभागों में क्षतिपूरक वनीकरण, वास स्थल सुधार और वनाग्नि नियंत्रण समेत कई कार्य कराए जाते हैं। इन कार्यों के लिए वन विभाग वार्षिक कार्ययोजना तैयार करता है। योजना स्वीकृत होने के बाद पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय इसके आधार पर बजट जारी करता है।
अब तक क्षतिपूरक वनीकरण के कार्यों की डिजिटल निगरानी ग्रीन वॉच के माध्यम से होती थी। नई व्यवस्था के तहत कैंपा मद से होने वाले प्रत्येक कार्य की डिजिटल आईडी बनाई जाएगी। संबंधित वन प्रभाग का कर्मचारी परिवेश पोर्टल के माध्यम से आईडी तैयार करेगा।
डिजिटल आईडी में कार्य का स्थान, अक्षांश-देशांतर, कार्य का विवरण, लागत और फोटो दर्ज किए जाएंगे। जीपीएस कोऑर्डिनेट्स के आधार पर सैटेलाइट से संबंधित स्थान को सीधे देखा जा सकेगा। किसी कार्य में कमी की आशंका होने पर मौके का भू-सत्यापन भी कराया जा सकेगा। कैंपा के सीईओ एवं अपर प्रमुख वन संरक्षक बीके गांगटे ने डिजिटल आईडी व्यवस्था शुरू किए जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि इससे कैंपा के कार्यों की निगरानी और बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
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कैंपा से होने वाले कार्य पर उठे थे सवाल
पिछले वर्ष राज्य में कैंपा से होने वाले कार्य पर कैग की रिपोर्ट के बाद सवाल उठे थे। इसमें पौधरोपण के लिए उपयुक्त जगह का चुनाव नहीं करने समेत कई कार्याें पर सवाल उठाया गया था। इसके अलावा राशि को अस्वीकार्य क्रियाकलापों में खर्च किए जाने को भी इंगित किया गया था। रिपोर्ट में एक मजबूत आंतरिक नियंत्रण प्रणाली स्थापित करने और बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की अनुशंसा भी की गई थी।