एक व्यक्ति ने अपनी कंपनी के दो हिस्सेदारों पर हेराफेरी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। इस मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दो हिस्सेदारों समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मामले में फरीदाबाद सेक्टर-17 निवासी सुभाष शर्मा ने कोर्ट में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि 2013 में रजिस्टर्ड साझेदारी के तहत कंपनी बनाई गई थी। इसमें राकेश ठाकुर के पास 51 प्रतिशत, गोविंद सिंह के पास 24 प्रतिशत और सुभाष शर्मा के पास 25 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शुरुआती दिनों में उन्होंने व्यवसाय में पूंजी लगाई। अन्य साझेदारों ने फर्जी लेनदेन और नकदी गबन जैसे आर्थिक अपराध किए। शिकायत के अनुसार, साझेदारों ने कंपनी के बैंक खातों से नकदी निकाली और निर्माण उपकरण के फर्जी दावे पेश किए। राकेश ठाकुर ने एक बैंक खाते से 10 लाख रुपये निकाले और 85 लाख रुपये का गबन पीके सक्सेना के खाते में किया गया।
इसके अलावा, शिकायतकर्ता को चेक बाउंस मामलों में फंसाकर 65 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कोई कार्रवाई न होने पर कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर बसंत विहार थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है। थानाध्यक्ष प्रदीप रावत ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है।