उपकारागार रुड़की में बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। कैदी के परिजन मामले में हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं जेल प्रशासन इस संबंध में कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।
उपकारागार रुड़की में विराचाधीन कैदी बलधीर (55 वर्ष) पुत्र कंटू निवासी कुआंखेड़ा लक्सर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। कैदी की मौत के बाद जेल प्रशासन की ओर से स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई। नायब तहसीलदार प्रीतम सिंह ने अस्पताल की मोर्चरी में पहुंचकर मृतक के शव का पंचनामा भरा। कैदी की मौत कैसे और कब हुई।
इस संबंध में जेल प्रशासन से जानकारी करनी चाही। लेकिन जेल प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं दी गई। वहीं, मृतक के परिजन मामले में हत्या की आशंका जता रहे हैं। उनका कहना है कि दो दिन पहले मृतक बलधीर का बेटा मोहित और दामाद विजय कुमार उससे मिलने जेल आए थे। उनका कहना है कि उस समय वह बिल्कुल ठीक था।
रविवार को बलधीर का बड़ा भाई शोभाराम भी उससे मिलने गया था। शोभाराम ने बताया कि उसका भाई पूरी तरह से स्वस्थ था। सोमवार सुबह 7.06 बजे जेल से बलधीर के बेटे मोहित के पास एक फोन आया। फोन पर बताया गया कि उसके पिता की तबियत खराब है। उसे सिविल अस्पताल उपचार के लिए ले जाया जा रहा है। वह रुड़की जाने के लिए निकले ही थे कि जेल से 7.35 बजे फिर से फोन आया कि बलधीर की मृत्यु हो गई है।
बलधीर के परिजनों का कहना है कि उन्हें जेल की प्रशासन कहानी पर भरोसा नहीं है। बलधीर पूरी तरह से स्वस्थ था। फिर से एकदम वह कैसे मर सकता है। बलधीर के बेटे मोहित, भतीजे वेदप्रकाश आदि ने मामले में हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने अधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्षरुप से जांच कराई जाए।
कुआंखेड़ा गांव निवासी बलधीर ढाई माह से जेल में बंद था। उस पर एक हत्या का आरोप था। चार साल पहले गांव में अशोक नाम के एक युवक की हत्या हो गई थी। इस मामले में मृतक के परिजनों ने बलधीर, रविंद्र और नागेंद्र को नामजद किया था। पिछले ढाई माह पहले तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।