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देहरादून: सकारात्मक कार्रवाई के आश्वासन पर रात करीब दस बजे धरना समाप्त

Mon, 06 May 2019 02:06 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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प्रतीकात्मक
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कोरोनेशन अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी समेत सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई के आश्वासन पर रात करीब दस बजे धरना समाप्त कर दिया। साथ ही चेतावनी दी जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं किए जाते तब तक वह जितेंद्र दास के शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे।

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विभिन्न मांगों के लिए ग्रामीण जितेंद्र दास के शव को मुख्यमंत्री आवास ले जाने वाले थे। लेकिन, इसी बीच पुलिस को इसकी भनक लग गई और उन्होंने कोरोनेशन अस्पताल में ही ग्रामीणों को रोक दिया। इससे गुस्साए ग्रामीण अस्पताल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। एहतिहातन प्रशासन ने कोरोनेशन अस्पताल में सीओ जया बलूनी को भेजने के साथ दिलाराम चौक पर भी पुलिस बल लगा दिया और कैंट पुलिस ने सीएम आवास के बाहर घेराबंदी कर दी। वहीं सीओ जया बलूनी ने अस्पताल में परिजनों को समझाने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस नौ दिन में एक भी आरोपी को नहीं पकड़ पाई है, जबकि आरोपी खुलेआम घूमकर पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं।

इसी बीच एसपी श्वेता चौबे और एसडीएम कमलेश मेहता भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने सरकार को संबोधित एक मांगपत्र श्वेता चौबे और एसडीएम कमलेश मेहता को सौंपा। इस दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी जब तक सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक वह शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों से सरकार और उच्चधिकारियों को अवगत कराएंगे उसके बाद ग्रामीणों ने रात करीब दस बजे आंदोलन समाप्त किया। मौके पर जितेंद्र के परिजनों के अलावा कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दर्शन लाल, मोहन निराला, जबर सिंह वर्मा, सोबन दास, संदीप खन्ना, प्रदीप कवि, प्रीतम दास, एलम दास, शिवदास, शेर सिंह डोगरा, लाखीराम, राजेंद्र कोहली, सुभाष कोहली, आलोक कुमार आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीणों की मांगे
>> सीओ चंबा और थानाध्यक्ष कैंपटी संस्पेड किया जाए।
>> पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। साथ ही परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
>> जब तक सभी हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किए जाता तब तक वह वह दाह संस्कार नहीं करेंगे।
>> प्रदेश में जितने भी दलितों से जुड़े मामले हैं उनका निस्तारण जल्द किया जाए।

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