ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
इंटरनेशनल क्योर इंडिया ट्रस्ट और संचारिका समाज सेवी संस्था की ओर से पिछले दो साल से दून अस्पताल में शिविर लगाकर क्लबफुट (मुड़े पैर) से पीड़ित बच्चों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। अब तक लगभग सौ बच्चों का इलाज किया जा चुका है। संस्था की ओर से क्लबफुट से पीड़ित बच्चों के लिए हर शनिवार दून अस्पताल में शिविर का आयोजन किया जाता है।
शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए दून अस्पताल के डॉ. केआर सौन और इंटरनेशनल क्योर इंडिया ट्रस्ट की शुभांजलि ने बताया कि क्लबफुट में बच्चे के दोनों पैर अंदर की ओर मुड़ जाते हैं, जिसे प्लास्टर लगाकर ठीक किया जाता है। पीड़ित बच्चों के पैर में प्लास्टर लगाने के बाद पांच साल तक स्लीप्ट पहनाया जाता है। इस बीमारी की जानकारी गर्भ में पांचवें महीने के दौरान अल्ट्रासाउंड से पता चल जाती है। लेकिन, इसका इलाज बच्चे के जन्म के बाद ही हो पाता है। शुभांजलि ने बताया कि संस्था देहरादून, हल्द्वानी, ऋषिकेश, अल्मोड़ा और रूड़की की बस्तियों में क्लबफुट से पीड़ित बच्चों की जांच कर उनका इलाज जिला अस्पताल में करवाती है। वहीं, डॉ. सौन ने कहा कि बीमारी के प्रति जागरूकता से दिव्यांगों की संख्या में कमी की जा सकती है।