नई टिहरी। फिल्म निर्देशक श्रीनारायण सिंह की फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ शुक्रवार को रिलीज हो गई। पहले दिन नई टिहरी के त्रिहरि सिनेमा में तीनों शो हाउसफुल रहे। पहली बार बड़े पर्दे पर नई टिहरी समेत आसपास की खूबसूरत वादियों को देखकर दर्शक खुश नजर आए। नई टिहरी और टिहरी झील की लोकेशन को कैमरामैन ने पर्दे पर बेहतरीन तरीके से उकेरा है। इस दौरान सिनेमा हॉल भी तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
सिनेमा हॉल में निवर्तमान पालिकाध्यक्ष उमेशचरण गुसाईं और सीडीओ आशीष भटगांई ने रिबन काटकर फिल्म के पहले शो का शुभारंभ किया। फिल्म में शाहिद कपूर गढ़वाली वकील एसकेपी (सुशील कुमार पंत), श्रद्धा कपूर बुटीक संचालिका नौटी (ललिता नौटियाल), दिव्यांदु शर्मा प्रिंटिंग और पैकेजिंग का व्यवसाय करने वाले लघु उद्यमी एसएमपी (सुंदर मोहन त्रिपाठी) की भूमिका में है। पहले दिन के तीनों शो हाउसफुल रहे। कहानी के अनुसार यूके प्रिंटिंग और पैकेजिंग उद्योग शुरू करने वाले त्रिपाठी का भारी-भरकम बिजली का बिल आता है, जिस कारण वह तनाव में आत्महत्या कर देते हैं। इसके बाद एसकेपी बिजली उपभोक्ता मंच में अपने दोस्त की लड़ाई लड़कर उन्हें न्याय दिलाते हैं। फिल्म में शाहिद कपूर गढ़वाल लोकगायक किशन महिपाल के हिट गीत किंगरी का छाला घुघुती... गाते नजर आए हैं, जबकि ‘ठहरा’, ‘बल’ जैसे गढ़वाली-कुमाऊंनी शब्दों का प्रयोग फिल्म में सबसे ज्यादा किया गया है।
फिल्म में टिहरी झील में बोटिंग, मसूरी में अधिवक्ता प्रशिक्षण, देहरादून में यूपीसीएल का कार्यालय, ऋषिकेश में चारधाम यात्रा का कार्यालय बेहतर तरीके से फिल्माया गया है। नई टिहरी का वन चेतना केंद्र, जिला न्यायालय, बौराड़ी स्टेडियम, सैयद निवास, पडियार हाउस भी सुंदर नजर रहा है। फिल्म में कई स्थानीय लोगों ने भी सह कलाकार की भूमिका निभाई है। पर्दे पर जैसे ही स्थानीय कलाकार और सीन आ रहे थे, वैसे ही हॉल तालियों से गूंज रहा था।
दर्शको को खूब पंसद आई फिल्म
नई टिहरी निवासी उद्यांशु पांडेय, रामकृष्ण उनियाल को फिल्म की स्क्रिप्ट और टिहरी की लोकेशन खास पंसद आई। सिमरन और प्रियांशी को फिल्म में इमोशनल सीन, स्तुति और आयुषी को बिजली का मुद्दा, टिहरी झील के सीन पसंद आए। त्रिलोक रावत और मुकेश पंवार को नई टिहरी शहर का फिल्मांकन खूब भाया। निवर्तमान पालिकाध्यक्ष उमेश चरण गुसाईं ने कहा कि एक ओर जहां सिनेमा हॉल पहचान खोते जा रहे है, वहीं नई टिहरी जैसे पर्वतीय शहर में डिजिटल डॉल्बी साउंड का हॉल उन्होंने अथक प्रयासों से शुरू करवाया।