ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
जिलाधिकारी दीपक रावत ने बैंकों के अधिकारियों से विकास योजनाओं में सक्रिय सहयोग देने को कहा। बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक के मंडल कार्यालय के सभाकक्ष में जिलास्तरीय समीक्षा समिति और जिला सलाहकार समिति की बैठक को संबोधित करते हुए डीएम ने बैंकों की प्रगति की समीक्षा की। पिछली बार बैंकों में अधिकारियों की कमी के कारण पड़ी फटकार के बाद इस तिमाही बैठक में जिले में सभी 38 बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
जिलाधिकारी ने बैंकों को निर्देश दिए कि वह बैंकों के माध्यम से चलने वाली सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के लाभ में टालमटोल करने वाले बैंकों को पर कार्रवाई करने से नहीं चूकेंगे। उन्होंनें बैंकों को कहा कि बैंक गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए सरकारी योजनाओं में पैसा डूबने की चिंता के कारण ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। जबकि बड़े उद्योगपतियों को दी गई बड़ी रकम नहीं बचा पाते। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में बैंकों को नगर निगम, नगर पालिकाओं और सीधे लाभार्थी के सब्सिडी के लिए प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत आवेदनों की संख्या की जानकारी ली। अधिकांश बैंकों तथा शाखाओं ने प्राप्त आवेदनों को रिजेक्ट किया गया बताया। जिलाधिकारी ने इन आवेदनों को रिजेक्ट करने के कारण सहित सभी बैंकों को प्राप्त आवेदनों की स्थिति, संख्या आदि की विस्तृत जानकारी पांच अक्तूबर तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आवेदनों को जानबूझकर रिजेक्ट करने की आशंका जताई जा रही है। समीक्षा बैठक में जनपद के सर्वांगीण विकास के लिए ऋण जमा अनुपात, वार्षिक ऋण योजना 2018-19 की प्रगति की समीक्षा करते हुए कृषि, एमएसएमई तथा प्राथमिकता क्षेत्र को आवंटित लक्ष्यों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री जनधन योजना, आधार सीडिंग, मुद्रा लोन मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, वीरचन्द्र सिंह गढवाली पर्यटन स्वरोजगार योजना आदि की समीक्षा की।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनीत तोमर, पीएनबी के मंडल प्रमुख कुलदीप शर्मा, एलडीएम अनिल झा, मुख्य कृषि अधिकारी वीके यादव सहित कई जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।