ब्यूरो/अमर उजाला, लक्सर
अकौढ़ा खुर्द गांव में कई वर्ष पहले अपनी पूरी संपत्ति बेचकर गांव छोड़ कर गईं महिला को ग्राम प्रधान ने इंदिरा आवास आवंटन का लाभार्थी दर्शाया है। एक ग्रामीण की शिकायत पर विभाग की जांच में यह गड़बड़ी सामने आई है।
गौरतलब है कि ब्लॉक के अकौढ़ा खुर्द गांव में महिपाल सिंह दो कार्यकाल से ग्राम प्रधान हैं। गांव के जोगिंदर पुत्र करेशन ने इनके पिछले कार्यकाल के दौरान इंदिरा आवास योजना से लाभान्वित लाभार्थियों की सूचना मांगी थी। जोगिंदर ने बताया कि जांच में पता चला है कि वर्ष-2014 में ग्राम प्रधान ने गांव की विधवा महिला चमनदेई को भी इंदिरा आवास योजना के तहत भवन बनाकर देना दर्शाया है। जबकि वह वर्ष 2010 में ही अपनी तमाम पैतृक संपत्ति बेच कर दूसरे गांव चली गई थी। जोगिंदर ने जिलाधिकारी से मिलकर इसकी शिकायत की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश बीडीओ लक्सर को दिए गए थे। बीडीओ ने एडीओ सहकारिता गुलाब सिंह को जांच सौंपी। जांच पूरी होने के बाद एडीओ सहकारिता गुलाब सिंह ने बताया कि जांच पड़ताल में पता चला है कि महिला की गांव में अब कोई संपत्ति नहीं है। जबकि ग्राम प्रधान ने गांव के एक मकान को चमनदेई का देना दर्शाया गया है। लेकिन वह मकान किसी दूसरे ग्रामीण की भूमि पर बना हुआ है। उन्होंने बताया जांच रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है।
कोट
पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ दिया गया था। शिकायत विधवा महिला की जमीन हड़पना चाहता था। शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता ने मुझ से पैसों की भी डिमांड की गई थी, लेकिन मैंने नहीं दिए।
-महिपाल सिंह, ग्राम प्रधान अकौढ़ा खुर्द