सरकार, शासन पर लगाया हितों की अनदेखी का आरोप
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
उत्तराखंड कार्मिक, शिक्षक ऑउटसोर्स संयुक्त मोर्चा की ओर से प्रस्तावित कार्य बहिष्कार के तहत ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों के कर्मचारी शनिवार को कार्य से विरत रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने यूजेवीएनएल मुख्यालय तक कूच किया। इसके बाद सभा कर सरकार और शासन पर हितों की अनदेखी का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड विद्युत अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चे के सभी संगठनों, एसोसिएशनों के पदाधिकारी शनिवार को कर्मचारी यूपीसीएल मुुख्यालय में एकत्रित हुए। इसके बाद जुलूस निकालकर यूजेवीएनएल मुख्यालय तक कूच किया। यूजेवीएनएल मुख्यालय पहुंचने पर जुलूस सभा में तब्दील हो गया। इस अवसर पर सहायक अभियंता पंकज सैनी को चिन्यालीसौड़ स्थानांतरित करने व अधिशासी अभियंता राहुल गोयल को बिना नोटिस निलंबित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके अलावा ऊर्जा निगमों के नियमित, संविदा कर्मचारियों की कई मांगों के साथ ही सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप भत्तों का भुगतान, एसीपी की पूर्ववर्ती व्यवस्था लागू करने, सातवें वेतन आयोग की वेतन विसंगतियाें को दूर करने तथा उपनल संविदा कर्मियों को नियमित करने और नियमित होेने तक समान कार्य के लिए समान वेतन के मुद्दे पर चर्चा की गई। वक्ताओें ने आरोप लगाया कि सरकार, शासन के अफसर कर्मचारियाें की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है। वक्ताआें ने सोमवार को पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। इस मौके पर इंसारूल हक, राकेश शर्मा, प्रदीप कंसल, एमसी गुप्ता, अनिल मिश्रा, जेएन कोठियाल, जेसी पंत, संदीप शर्मा, डीसी ध्यानी, चित्र सिंह, विनोद कवि, दीपक बेनीवाल, पंकज सैनी, सुशील शर्मा, जीसी धर्मसत्तू, मोहित जोशी, बीएमएस परमार, आरसी मयाल, एमएल टम्टा, मोहित डबराल, शिखा अग्रवाल, गीता पाठक, हेमलता, स्वाति, शीला बोरा, शकुंतला, वंदना, रेनू, पद्मिनी, रितू, ज्योति रानी, सुषमा आर्या आदि मौजूद रहीं।