ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पॉलिथीन पर प्रतिबंध के पहले ही दिन नगर निगम ने बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाया। शहर की छोटी दुकानों से लेकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पर छापेमारी कर कुल 69 किलो पॉलिथीन जब्त की गई। इस दौरान जिन दुकानों से पॉलिथीन जब्त की गई, उनके संचालकों को अगली बार पॉलिथीन मिलने पर पांच हजार रुपये जुर्माने की चेतावनी दी गई है।
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के आदेश के बाद एक अगस्त से प्रदेशभर में पॉलिथिन के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया। इसके साथ ही बुधवार को नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे के नेतृत्व में राजधानी में तहसील चौक से डिस्पेंसरी रोड, दर्शनलाल चौक होते हुए घंटाघर पोस्ट ऑफिस तक 150 दुकानों पर छापेमारी की गई। यहां 40 व्यापारियों के पास पॉलिथीन बैग, कैरी बैग, डिस्पोजेबल गिलास और थर्माकोल की प्लेट जब्त की गई। इसके अलावा आठ टीमों ने माजरा, धर्मपुर, राजपुर रोड, डोभालवाला, कांवली रोड, रिस्पना, झंडा मोहल्ला, करनपुर, इंदिरा कॉलोनी आदि क्षेत्रों में 413 दुकानों पर छापे मारे। सभी स्थानों से पॉलिथीन की 69 किलो सामग्री जब्त की गई। दुकानदारों को चेतावनी दी गई है कि दोबारा जांच में अगर पॉलिथीन मिली तो पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
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नगर निगम ने चलाया जागरुकता अभियान
पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगने के साथ ही नगर निगम से जागरुकता अभियान चलाया। शहर में अलग-अलग जगहों पर जाकर मुनादी कराई गई। व्यापारियों और लोगों से पॉलिथीन का इस्तेमाल न करने की अपील की गई। शहर में अलग-अलग स्थानों पर 12 व्यापारियों ने खुद पॉलिथीन का प्रयोग न करने की घोषणा की। इन सभी दुकानदारों ने अपनी दुकान में पॉलिथीन का प्रयोग न करने से संबंधित पत्र भी चस्पा कर दिए हैं।
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किसी ने सराहा तो किसी ने बारिश को ढाल बनाया
पॉलिथीन पर प्रतिबंध के पहले ही दिन व्यापारियों के दो रुख सामने आए
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। पॉलिथीन पर प्रतिबंध के पहले ही दिन व्यापारियों के दो रुख सामने आए। कुछ व्यापारियों का कहना था कि दून में कागज की थैली से कैसे काम चलेगा? यहां बहुत बारिश होती है। ऐसे में कागज के लिफाफों में सामान ले जाने में परेशानी होगी। दूसरी ओर, कुछ व्यापारियों ने इस कदम को सराहते हुए कहा कि सरकार को पॉलिथीन में पैक होकर आने वाले हर सामान पर रोक लगा देनी चाहिए।
पॉलिथीन पर प्रतिबंध के पहले ही दिन व्यापारियों में इसके इस्तेमाल करने को लेकर चर्चाएं और निगम की छापेमारी से अफरातफरी रही। आढ़त बाजार से सटे सभी बाजारों में पॉलिथीन को लेकर व्यापारी तर्क-वितर्क करते नजर आए। उनका कहना था कि देहरादून में जिस तरह से बारिश होती रहती है, ऐसे में कागज का थैला विकल्प नहीं हो सकता। बारिश में ग्राहकों को सामान ले जाना बेहद मुश्किल हो जाएगा। दूसरी ओर, कुछ व्यापारियों का कहना था कि सरकार का यह कदम बेहद सराहनीय है। व्यापारी अंकित अग्रवाल और अभिषेक गर्ग का कहना है कि सरकार को पॉलिथीन में आने वाले हर उत्पाद पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए। व्यापारी नितिन कुमार, सुभाष अग्रवाल का कहना है कि सरकार को बीच का रास्ता तलाशना चाहिए ताकि पर्यावरण भी प्रदूषित न हो और ग्राहकों को परेशानी भी न हो। व्यापारी दिनेश कुमार गुप्ता का कहना है कि प्रतिबंध से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यह ग्राहक की जिम्मेदारी है कि वह अपने सामान कैसे लेकर जाएगा।
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प्रतिबंध केवल प्रयोग, बिक्री और भंडारण तक ही सीमित
हाईकोर्ट के आदेश में प्रावधान न होने से नहीं रुक पा रहा है पॉलिथीन का उत्पादन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। हाईकोर्ट के आदेश में पॉलिथीन के उत्पादन पर रोक लगाने का प्रावधान नहीं किया गया है। लिहाजा पॉलिथीन का प्रतिबंध केवल प्रयोग, बिक्री और भंडारण तक सीमित है। उधर, राज्य सरकार ने पॉलिथीन के प्रयोग से संबंधित जो नियमावली जारी की है, उसके तहत जुर्माना लगाया जा रहा है। यह जानकारी पॉलिथिन के खिलाफ अभियान चला रहे नगर आयुक्त विजय कुमार जोगदंडे ने दी।
पॉलिथीन प्रतिबंध पर व्यापारियों और आमजन के बीच पॉलिथीन उत्पादन और कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब पॉलिथीन इतनी नुकसानदायक है तो इसका उत्पादन ही रोक देना चाहिए। दूसरी ओर, कुछ व्यापारियों को इस बात पर आपत्ति है कि सरकार किस नियम के तहत यह कार्रवाई कर रही है। नगर आयुक्त जोगदंडे का कहना है कि पॉलिथीन पर प्रतिबंध कई नियमों के तहत चल रहा है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में दायर ललित मिगलानी बनाम राज्य सरकार मामले में न्यायालय ने आदेश दिया था कि पॉलिथीन के इस्तेमाल, बिक्री और भंडारण पर रोक लगा दी जाए। चूंकि, हाईकोर्ट के आदेश के परिप्रेक्ष्य में पॉलिथीन का उत्पादन नहीं आता है तो उत्पादन पर रोक लगाने की कार्रवाई नहीं की जा रही है। सरकार ने कूड़ा निस्तारण से संबंधित अधिनियम जारी किया है। इसके अलावा पॉलिथीन के इस्तेमाल के लिए नियमावली भी जारी की गई है। इसके तहत पॉलिथीन के इस्तेमाल पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
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यूपी से आ रही पॉलिथिन
राजधानी में पॉलिथीन यूपी के सहारनपुर सहित कई जिलों से आ रही है। सरकार पॉलिथीन की सप्लाई पर रोक लगाने में नाकाम है। बाजार विशेषज्ञ आकाश रावत का कहना है कि सरकार की कार्रवाई व्यापारियों की दुकानों तक तो है, लेकिन जहां से यह पॉलिथीन सप्लाई हो रही है, उस पर सरकार को सबसे पहले लगाम लगाने की जरूरत है।
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...फिर लौट रहा कपड़े के थैले का दौर
देहरादून। पॉलिथीन पर प्रतिबंध के साथ ही कपड़े के थैले का दौर लौटने लगा है। बुधवार को शहर में तमाम लोग घर से कपड़े के थैले लेकर सब्जियां खरीदने निकले। उधर, शहर के कई बुजुर्गों ने कपड़े के थैले के साथ ही अपने पुराने दिनों की यादें भी ताजा कीं। कारगी चौक निवासी शौकत अहमद का कहना है कि एक वक्त था, जब पॉलिथीन का इस्तेमाल बेहद कम होता था। पॉलिथीन में सामान लेने पर कई व्यापारी तो इसका अलग से पांच से दस पैसा वसूलते थे। लिहाजा लोग खरीदारी के लिए घर से कपड़े का थैला लेकर ही निकलते थे। इसमें सभी सब्जियां आसानी से आ जाती थी। राजेंद्र नगर निवासी बुजुर्ग मोहन नेगी पॉलिथिन के इस्तेमाल से काफी आजिज हैं। उनका कहना है कि सरकार को यह कदम पहले ही उठा लेना चाहिए था। वह सामान खरीदने घर से कपड़े का थैला लेकर जाते हैं। उनका कहना है कि कपड़े के थैले में सामान ले जाने में आसानी रहती है।