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आमरण अनशन पर डटे रहे शिक्षक

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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18 सूत्री मांगों पर कार्रवाई के लिए राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का आमरण अनशन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षकों ने शासनादेश जारी होने तक आंदोलन खत्म नहीं करने का एलान किया है।
शिक्षा महानिदेशालय पर बुधवार को संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश प्रसाद बहुगुणा और संयुक्त मंत्री योगेश घिल्डियाल का आमरण अनशन जारी रहा। उनके समर्थन में अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माझिला, कोषाध्यक्ष अनुज चौधरी समेत अन्य पदाधिकारी अनशन पर बैठे रहे। कमल किशोर डिमरी ने कहा कि शिक्षकों के आंदोलन को सरकार बिल्कुल गंभीरता से नहीं ले रही है। लिहाजा शिक्षक आरपार की लड़ाई का निर्णय कर चुके हैं। मांग पूरी होने तक वे किसी भी कीमत पर आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।
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हाईकोर्ट में गोकुल मर्तोलिया रखेंगे पक्ष
शिक्षकों के आंदोलन के मुद्दे पर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका में राजकीय शिक्षक संघ का पक्ष रखने के लिए गोकुल सिंह मर्तोलिया को नामित किया गया है। अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी और महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माझिला ने बताया कि नैनीताल शाखा इकाई अध्यक्ष मर्तोलिया हाईकोर्ट में संघ का पक्ष रखेंगे।
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यह है मामला
राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश और मंडल प्रभारियों ने अपनी 18 सूत्री मांगों पर कार्रवाई के लिए 21 जुलाई से शिक्षा निदेशालय पर क्रमिक अनशन शुरू किया था। इसी बीच 28 जुलाई को सरकार ने संघ के अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी, महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माझिला और पूर्व अध्यक्ष राम सिंह चौहान का तबादला कर दिया। इससे भड़के शिक्षकों ने 31 जुलाई को निदेशालय एवं सभी जिला मुख्यालयों में तालाबंदी और आमरण अनशन करने की चेतावनी दी थी। वहीं, निदेशालय की ओर से तालाबंदी करने वालों के खिलाफ एफआईआर करने की चेतावनी दी गई। 31 जुलाई को शिक्षकों ने निदेशालय में तालाबंदी के बाद आमरण अनशन शुरू कर दिया था।
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शिक्षकों की प्रमुख मांगें
शिक्षक नेता एसीपी का लाभ देने, कोटिकरण और वेतन विसंगति ठीक करने, एक्ट के अनुसार ट्रांसफर करने, पांच छूटे विषयों की काउंसिलिंग करने, बेसिक से समायोजित शिक्षकों को चयन प्रोन्न्नत वेतनमान देने, एक ही विज्ञप्ति के अंतर्गत चयनित एवं कोटद्वार विधानसभा चुनाव के कारण ज्वाइन न कर वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने, अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यक्रमों में न लगाने, एलटी को लेवल-10 और प्रवक्ता को लेवल-12 दिए जाने, तदर्थ शिक्षक बंधुओं को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन वेतनमान, 400 से अधिक छात्रसंख्या वाले स्कूलों में उपप्रधानाचार्य का पद सृजित करने, महिलाओं को 15 दिन का सीसीएल प्रदान करने की अनुमति प्रधानाचार्य को देने, बोर्ड से अनुमोदित व्यायाम एवं कला के प्रवक्ता पद स्वीकृत करने की मांग कर रहे हैं।
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