ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
मांगों को लेकर राजकीय शिक्षक संघ का धरना सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। शिक्षा महानिदेशालय पर सोमवार को प्रांतीय उपाध्यक्ष मुकेश बहुगुणा और मंडलीय अध्यक्ष (गढ़वाल) रविंद्र सिंह राणा क्रमिक अनशन पर बैठे। वहीं, सोमवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी महानिदेशालय पहुंचे और शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन देने का एलान किया।
उन्होंने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाएंगे। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी और महामंत्री डॉ. सोहन माझिला ने कहा कि इस बार शिक्षक मांग पूरी हुए बिना नहीं उठेंगे। संघ के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान, मंडलीय मंत्री डॉ. हेमंत पैन्यूली, मंडलीय उपाध्यक्ष (गढ़वाल) बृजेश पंवार, डीपी डंगवाल, मोनिका रानी, सीमा शर्मा, नंद किशोर रतूड़ी, वीरेंद्र बिजल्वाण, मधु प्रसाद सती, डॉ. गिरीश पुरोहित, आरएम गुसाईं, नरेंद्र नेगी, त्रिभुवन यादव, पृथ्वी सिंह रावत आदि ने धरना देकर उनका समर्थन किया।
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शिक्षकों की प्रमुख मांगें
शिक्षक नेता एसीपी का लाभ देने, कोटिकरण विसंगति ठीक करने, वेतन विसंगति ठीक करने, एक्ट के अनुसार ट्रांसफर करने, पांच छूटे विषयों की काउंसिलिंग करने, बेसिक से समायोजित शिक्षकों को चयन प्रोन्न्नत वेतनमान देने, एक ही विज्ञप्ति के अंतर्गत चयनित एवं कोटद्वार विधानसभा चुनाव के कारण ज्वाइन न कर पाने वाले शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने, अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यक्रमों में न लगाने, एलटी को लेवल-10 और प्रवक्ता को लेवल-12 दिए जाने, तदर्थ शिक्षक बंधुओं को पूर्व सेवा का लाभ देते हुए चयन वेतनमान, 400 से अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों में उपप्रधानाचार्य का पद सृजित करने, महिलाओं को 15 दिन का सीसीएल प्रदान करने की अनुमति प्रधानाचार्य को देने, बोर्ड से अनुमोदित व्यायाम एवं कला के प्रवक्ता पद स्वीकृत करने की मांग कर रहे हैं।