ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
करीब दो महीने से बाहर चल रहे अतिथि शिक्षक बुधवार को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के घेराव करने पहुंच गए, लेकिन बाद में वार्ता से संतुष्ट हो गए। शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षकों के पुनर्नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट में लाने का आश्वासन दिया है।
देहरादून और हरिद्वार के करीब पांच दर्जन अतिथि शिक्षक बुधवार को यमुना कॉलोनी स्थित शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के आवास पर पहुंचे थे। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि 31 मार्च के बाद से बाहर हैं। इसके चलते प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में तैनात स्कूलों में पठन-पाठन भी प्रभावित हो रहा है। वहीं सरकार के पहल न करने से कसाढ़े चार हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों का भविष्य अधर में लटक जाएगा। संघ के महामंत्री दौलत जगूड़ी ने कहा कि भाजपा ने अतिथि शिक्षकों के समायोजन का मुद्दा अपने विजन डॉक्यूमेंट में शामिल किया था, लेकिन अब कुछ नहीं किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री से भी पूर्व में आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। वहीं शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा है कि वे शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। इस अवसर पर महावी चौहान, दुर्गा गुनसोला, अनित बौड़ाई, पुनीत पंत, मनीषा, दुर्गेश डंडरियाल, रेनू गुप्ता, कविता शर्मा, गब्बर नेगी आदि अतिथि शिक्षक मौजूद रहे।
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मुझे मत देना आंदोलन की धमकी : मंत्री
मुलाकात करने पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी तो शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भड़क उठे। उन्होंने कहा कि मुझे आंदोलन की धमकी मत देना। धमकी देनी है तो फिर मेरे पास मत आओ। मंत्री के तेवर दिखाते ही अतिथि शिक्षक ढीले पड़ गए।