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देश में लागू हो एकल बिंदु जीएसटी व्यवस्था

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल की ओर से आयोजित अधिवेशन में व्यापारियों ने देश में एकल बिंदु जीएसटी प्रणाली लागू करने की मांग उठाई। व्यापारियों ने कहा कि इससे व्यापारियों के साथ उपभोक्ताओं भी राहत मिलेगी। इसके अलावा व्यापारियों ने जीएसटी वसूली प्रक्रिया को और अधिक शिथिल करने पर जोर दिया।
रविवार को राजपुर रोड स्थित डब्ल्यूआईसी में आयोजित अधिवेशन में पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी बहुत बड़ा विषय है, लेकिन सरकार ने इसे जल्दबाजी में लागू कर व्यापारियों की मुसीबतें बढ़ा दी है। जीएसटी में अभी तमाम की विसंगतियां है , जिसे दूर करने की जरूरत है। उन्होंने एकल बिंदु जीएसटी व्यवस्था लागू करने की वकालत की। फेडरेशन के महामंत्री वीके बंसल ने कहा कि देश में असंगठित क्षेत्र ऐसा क्षेत्र है जिसका रोजगार में 90 फीसदी योगदान है। अर्थव्यवस्था में व्यापारियों का बड़ा योगदान है, लेकिन सरकार व्यापारियों की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने जीएसटी को लेकर व्यापारियों को शंका की दृष्टि से देखे जाने पर चिंता जताई। भाजपा नेता व व्यापारी अनिल गोयल ने कहा कि देश में तमाम ऐसे देश हैं जहां शून्य प्रतिशत जीएसटी है, इसके बावजूद वह हमसे ज्यादा समृद्ध हैं। उन्होंने फुलप्रूफ जीएसटी व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई और जीएसटी को लेकर और अधिक जागरूकता लाने की बात कही।
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फेडरेशन के संयोजक व राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने कहा कि एकल बिंदु जीएसटी का मतलब यह है कि संपूर्ण जीएसटी की वसूली अंतिम निर्माता से अधिकतम खुदरा मूल्य पर की जाए। जबकि थोक एवं खुदरा व्यापारियों को जीएसटी की प्रक्रिया से मुक्त रखा जाए। भारत में जीएसटी प्रणाली दुनिया के 115 देश जहां जीएसटी लागू है उनमें सबसे अधिक पेचीदा और अधिक कराधान वाली प्रणाली है। उत्तराखंड युवा व्यापारी एसोसिएशन के महामंत्री अनिल कुमार भोला ने कहा कि वर्तमान जीएसटी प्रणाली में व्यापारियों के समक्ष तमाम चुनौतियां हैं। ज्यादातर दुकानदार पढ़े लिखे नहीं होने की वजह से जीएसटी के प्रति जागरूक नहीं हैं। जिन्हें जागरूक करने की जरूरत है। सर्राफ मंडल देहरादून के अध्यक्ष अनिल मेसोन ने कहा कि गैर सेवा क्षेत्र के करदाताओं में निर्माता वर्ग की संख्या लगभग 10 से 15 फीसदी है। जबकि शेष संख्या कारोबारियों की है। किसी भी वस्तु में अंतिम निर्माता और उपभोक्ता के मध्य सिर्फ 20 से 25 प्रतिशत का औसत मूल्य संवर्धन होता है। अधिवेशन में व्यापारियोें को स्लाइड के जरिए जीएसटी के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम में राजेश्वर पैन्यूली, विपिन कुमार बंसल, अनिल गोयल, संजय आदि व्यापारी मौजूद रहे।
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नहीं पहुंच वित्त मंत्री और पूर्व सीएम
अधिवेशन में पूर्व सीएम हरीश रावत और वित्त मंत्री प्रकाश पंत को शामिल होना था। लेकिन दोनों किन्हीं कारणों से अधिवेशन में नहीं आ सके।
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