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शव कंधे पर ले जाने के मामले में सीएम ने मांगी रिपोर्ट

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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दून अस्पताल में भर्ती भाई की मौत के बाद स्ट्रेचर नहीं मिलने पर शव को कंधे पर लादकर अस्पताल के गेट तक ले जाने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने प्रकरण में स्वास्थ्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सचिव ने प्रकरण की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सीएम को सौंप दी है। जबकि स्वास्थ्य महानिदेशक से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। दूसरी ओर अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके टम्टा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में लाया ही नहीं गया। अगर मृतक के भाई ने उन्हें बताया होता तो वह अपने स्तर से उचित कार्रवाई करते।
यूपी के धामपुर निवासी पंकज ने छोटे भाई सोनू को फेफड़े में गंभीर संक्रमण के चलते दून अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान बृहस्पतिवार को सोनू की मौत हो गई। डॉक्टरोें ने उसे मृत्यु प्रमाण-पत्र देकर शव ले जाने को कहा, लेकिन स्ट्रेचर खाली नहीं होने के कारण शव को कंधे पर लादकर अस्पताल के गेट तक ले गया। खबर के सोशल मीडिया में वायरल होने और समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने खुद मामले का संज्ञान लिया। उन्होंने स्वास्थ्य सचिव नितेश झा से मामले की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही निर्देश दिए कि प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की जाए और जो भी दोषी पाएं जाएं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएं। सीएम के निर्देश पर स्वास्थ्य सचिव नितेश झा ने कालेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता, सीएमएस डॉ. केके टम्टा और इलाज करने वाले डॉ. आर पांडे से जानकारी लेेने के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट सीएम को सौंप दी है। लेकिन उन्हें इन तीनों का बयानों को अपर्याप्त बताते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अर्चना श्रीवास्तव से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
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दूसरी ओर, शुक्रवार को दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता और सीएमएस डॉ. केेके टम्टा ने मरीज का इलाज करने वाले डॉक्टरों के साथ बैठक कर पूरी जानकारी ली। डॉ. केके टम्टा के मुताबिक इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि मरीज के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। वह बेहद गंभीर स्थिति में ही अस्पताल लाया गया था। अस्पताल कर्मचारियोें का कहना है कि मरीज की मौत के बाद उसका भाई शव लेकर चला गया। थोड़ी देर बाद ही अस्पताल कर्मियों और कुछ किन्नरों ने चंदा एकत्र कर एंबुलेंस कराई और बड़े भाई के साथ शव को धामपुर भेजा।
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संसाधनों की गिनती कर रहे अधिकारी, कर्मचारी
युवक की मौत के बाद शव ले जोन के लिए स्ट्रेचर नहीं मिलनेे की चर्चाओें के बाद शुक्रवार को अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी दिन भर अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हील चेयर और एंबुलेंस आदि की गिनती करते नजर आए। सीएमएस डॉ. केके टम्टा ने बताया कि अस्पताल के सभी वार्डों में दो-दो स्ट्रेचर और व्हील चेयर हैं। यह संयोग ही था कि पंकज को भाई का शव ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं मिला और वह आनन-फानन में शव को कंधे पर लादकर ले गया।
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मानवीय संवेदना सर्वोपरि : सीएम
प्रकरण को लेकर बेहद खफा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि मानवता और मानवीय संवेदना सभी परिस्थितियों में सर्वोपरि होनी चाहिए। जिस प्रकार की घटना दून अस्पताल में घटित हुई है, वह किसी भी स्थिति में स्वीकार नही की जा सकती। यदि व्यवस्था में कोई कमी है तो उसको तत्काल सुधारा जाना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशक को यह भी निर्देश दिए है कि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में प्रदेश के किसी भी अस्पताल में घटित न हो इसके लिए संबंधित अधिकारियों को सचेत किया जाएं। इसके बावजूद घटनाएं होती है तो संबंधित अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएं।
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