उक्रांद कार्यकारिणी की बैठक 24 अप्रैल से
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल की कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक 15 अप्रैल के बजाय अब 24 व 25 अप्रैल को होगी। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने केंद्रीय कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि दल के संरक्षकों व कई वरिष्ठ नेताओं ने 15 अप्रैल को प्रस्तावित कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई थी जिसके चलते तिथियों में बदलाव किया गया है।
पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री दिवाकर भट्ट ने सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय इलाकों से पलायन तेजी से हो रहा है जिसे रोकने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। खुद मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है कि पलायन के चलते राज्य के 3000 स्कूल बंद होने के कगार पर हैं। पलायन को रोकने के लिए राज्य की जनता ने उत्तराखंड क्रांति दल के साथ आंदोलन किया था। आज कई गांवों में एक भी व्यक्ति नहीं बचा है। पलायन व बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है, जिसका समाधान करने में सरकार नाकाम साबित हो रही है। कहा कि जल्द ही पर्वतीय व मैदानी इलाकों में संगठन को मजबूत किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में दल की मजबूत उपस्थिति के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि उक्रांद जन आंदोलन से निकला हुआ दल है। पार्टी के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता अभी तक आंदोलनकारी छवि से बाहर निकलकर राजनीतिक रूप नहीं ले पाए हैं। जबकि राष्ट्रीय पार्टियां झूठे वादों और छल प्रपंच के जरिये जनाधार बढ़ा रही हैं। उक्रांद पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपनी सीधी सपाट बातों के चलते राजनीतिक मुकाम हासिल करने में अब तक सफल नहीं हो पाए। पत्रकार वार्ता में त्रिवेंद्र पंवार, हरीश पाठक, बीडी रतूड़ी, पंकज व्यास, संजय क्षेत्री आदि उपस्थित थे।