ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
नगर निगम के सफाई कर्मचारी अब जितना काम करेंगे, उन्हें उतना ही दाम मिलेगा। इसके लिए सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को जीपीएस लगी घड़ी दी जाएगी। इससे पल-पल की जानकारी निगम स्थित कंट्रोल रूम को मिलती रहेगी। यह घड़ी कर्मचारियों के वेतन बनाने वाले साफ्टवेयर से भी जुड़ी रहेगी। ऐसे में कर्मचारी ने जितने घंटे काम किया होगा, उसके अनुसार साफ्टवेयर वेतन तय कर देगा।
आमतौर पर ज्यादातर सफाई कर्मचारी क्षेत्र में समय पर नहीं पहुंचते हैं। कई जगहों पर तो 15-20 दिनों में एक-दो बार ही सफाई होती है। स्थानीय लोग लगातार इसकी शिकायत करते हैं, लेकिन निगम के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते हैं। इस अव्यवस्था से निपटने के लिए नगर निगम ने हाईटेक होने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इस कड़ी में सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को जीपीएस लगी घड़ी दी जाएगी।
इसी क्रम में मेयर सुनील उनियाल गामा ने बुधवार को बंगलूरू की एक कंपनी द्वारा बनाई गई जीपीएस लैस घड़ी के सैंपल का परीक्षण किया। मेयर ने ट्रायल के तौर पर 15 सफाई निरीक्षकों को घड़ी देने को कहा है। एक महीने का ट्रायल सफल होने पर कंपनी से घड़ी सप्लाई के बाबत अनुबंध किया जाएगा।
ऐसे काम करेगी जीपीएस पर आधारित घड़ी
जीपीएस पर आधारित घड़ी सफाई कर्मचारी हाथ में पहनेंगे। जो निगम स्थित कंट्रोल रूम से कनेक्ट रहेगी। इस घड़ी के जरिये कर्मचारियों की लोकेशन और गतिविधियों को देखा परखा जा सकेगा। लोकेशन की फोटो भेजने की सुविधा भी घड़ी में है। इसके अलावा कर्मचारियों के अपने निर्धारित इलाके से जाने की सूचना कंट्रोल रूम के सिस्टम में पहुंच जाएगी। घड़ी में कैमरा और माइक्रोफोन भी है, जिसके जरिये फोटो खींचने के अलावा सफाई कर्मचारी निरीक्षक और कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारियों से बात कर सकेंगे। घड़ी में लगे बटन को पांच सेकेंड तक दबाकर कर्मचारी अधिकारियों से बात कर सकेंगे।
उपस्थिति दर्ज कराने को नहीं जाना पड़ेगा कार्यालय
फील्ड पर मौजूद सफाई कर्मचारियों को अपनी हाजिरी लगाने के लिए नगर निगम कार्यालय नहीं आना पड़ेगा। वे घड़ी में लगी बटन के जरिये ही अपनी हाजिरी लगा सकेंगे। इससे कर्मचारियों को निगम पहुंचकर हाजिरी लगाने की समस्या से भी निजात मिलेगी।
तुरंत पकड़ में आएगी गड़बड़ी
सफाई कर्मचारी कई बार खुद न पहुंचकर दूसरे व्यक्ति को मौके पर भेज देते हैं, लेकिन इस घड़ी के जरिये ऐसा नहीं हो सकेगा। जिस कर्मचारी को घड़ी दी जाएगी, उसकी फोटो खींचकर सिस्टम में सेव कर दिया जाएगा। ऐसे में अगर कोई दूसरा व्यक्ति घड़ी के जरिये हाजिरी लगाता है तो इसका अलर्ट संदेश तुरंत सिस्टम में पहुंच जाएगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल कामकाज को बढ़ावा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी काम में तेजी और पारदर्शिता के लिए डिजिटल प्लेटफार्म और ऑनलाइन सिस्टम को बढ़ावा देने की बात कह चुके हैं। इसी कड़ी में नगर निगम भी हाईटेक की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारी कोशिश है कि जनता को सभी सुविधाएं और सेवाएं समय से बिना परेशानी के मिल सकें। सफाई कर्मचारियों के लिए जो व्यवस्था लागू की गई है, इसका असर सभी क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था पर दिखेगा। साथ ही घंटे के हिसाब से भुगतान होने पर मेहनत करने वाले सफाई कर्मचारियों को फायदा भी मिलेगा।
-सुनील उनियाल गामा, मेयर