ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। शैलेश मटियानी शिक्षक उत्कृष्टता पुरस्कार जल्द घोषित किए जाएंगे। इसके लिए बुधवार को महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें जिलों से आए प्रस्तावों पर चर्चा की गई और उनकी जांच के बिंदु भी रखे गए।
शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक वर्ष 29 उत्कृष्ट शिक्षकों को यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। प्रत्येक जिले से एक प्राथमिक और एक माध्यमिक शिक्षक, एक डायट शिक्षक और दो संस्कृत शिक्षकों को यह पुरस्कार दिया जाता है। जिला स्तर पर स्क्रीनिंग के बाद महानिदेशालय को प्रत्येक जिले से शिक्षकों के नाम भेज दिए गए हैं। अधिकारियों ने सभी जिलों से प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग कर ली है। जिलास्तर पर प्रस्तावों की जांच करने वाले अधिकारियों ने भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। बैठक में निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर, सीमा जौनसारी आदि अधिकारी मौजूद रहे।
जिलों में मिले असमान अंक
शिक्षक उत्कृष्टता पुरस्कार के लिए जिलों से जिन शिक्षकों का चयन किया है, उन्हें असमान अंक मिले हैं। किसी जिले में बहुत कम अंक वाले शिक्षक को चयनित कर राज्यस्तर पर भेज दिया है। ऐसे में अन्य जिलों में उससे अधिक अंक पाने वाले शिक्षक पुरस्कार से वंचित रह जाएंगे। हालांकि एक जिले से एक श्रेणी में केवल एक ही शिक्षक को पुरस्कार दिया जाना है। सूत्रों के अनुसार, उत्तरकाशी से जिस शिक्षक का चयन हुआ है, उनके केवल 30 अंक हैं। जबकि अन्य जिलों में 70-75 अंक वाले शिक्षक तक बाहर हो गए हैं।