ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून कार्यालय के अफसरों ने उपकरण और दवाओं की खरीद के प्रावधानों को दरकिनार कर 219.15 लाख रुपये कीमत के उपकरण खरीद डाले। यही नहीं अफसरों ने उपकरणों का स्टॉक पंजिका में अंकन भी नहीं किया और आवंटन कर दिया। इसके अलावा कंपनियों को भुगतान ई-पेमेंट की बजाय चेक से भुगतान कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की इस करतूत का खुलासा स्पेशल ऑडिट में हुआ।
सूत्रों के मुताबिक सीएमओ कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2010-11 में 13.16 लाख, वित्तीय वर्ष 2011-12 में 29.85 लाख, वित्तीय वर्ष 2012-13 में 23.05 लाख, वित्तीय वर्ष 2013- 14 में 110.11 लाख व वित्तीय वर्ष 2014-15 में 72.83 लाख रुपये कीमत उपकरण खरीदे गए। इस तरह विभागीय अधिकारियों द्वारा कुल 219.15 लाख रुपये कीमत के उपकरणों की खरीद बिना टेंडर के ही कर डाली। स्पेशल ऑडिट के दौरान उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली-2008 का उल्लंघन की बात सामने आई है। ऑडिट में जिला योजना के अंतर्गत खरीदे गए अधिकांश उपकरणों को स्टॉक पंजिका में अंकित किए बगैर एकमुश्त बिल प्राप्त किया गया और संबंधित चिकित्सा केंद्रों को जारी भी कर दिया गया। इसके अलावा खरीदी गई सामग्री एवं उपकरणों के बिल पर उपकरणों के वर्गीकरण, उनकी वारंटी, निर्माता का नाम समेत कई जरूरी जानकारियां नहीं थीं। लेखा परीक्षा विभाग ने अपनी रिपोर्ट में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह गलत माना है। इसके अलावा ई-पेमेंट के स्थान पर चेक से भुगतान पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता का कहना है कि खरीदारी उनके कार्यकाल की नहीं है। लेखा परीक्षा विभाग में जो आपत्तियां दर्ज कराई हैं उनका भविष्य में अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।