अगस्त्यमुनि। हरिद्वार से गौरीकुंड जा रही बस की चपेट में आने से चार माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। आरोपी बस चालक ने थाने में पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। घटना से आक्रोशित मृतका के परिजनों ने थाने में जमकर हंगामा काटा। इस दौरान उनकी पुलिस से तीखी नोक-झोंक हुई।
जिला बिजनौर के नवादा-धामपुर निवासी सुमित यहां नगर पंचायत में सफाई कर्मचारी है। शुक्रवार को सुमित और उसकी पत्नी आरती (24) अपनी तीन वर्षीया बेटी का एडमिशन कराने रोज माउंट स्कूल गए थे। बच्ची का दाखिला कराने के बाद दोपहर को पति-पत्नी बच्ची के साथ घर की तरफ पैदल ही लौट रहे थे। सुमित बेटी के साथ आगे चल रहा था, जबकि उसकी पत्नी आरती पीछे थी। इसी बीच हरिद्वार से गौरीकुंड जाने वाली विश्वनाथ सेवा की बस सुलभ शौचालय के समीप रुकी। करीब पांच मिनट रुकने के बाद जैसे ही बस आगे के लिए बढ़ी, तभी आरती बस की चपेट में आ गई और उसका सिर टायर से कुचल गया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। महिला को तत्काल सीएचसी ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया।
इधर, बस चालक गोविंद सिंह ने थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपी चालक का कहना था कि महिला सड़क पार करते वक्त अचानक गाड़ी के आगे आ गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने थाना पहुंचकर जमकर हंगामा काटा। उन्होंने पुलिस से आरोपी चालक को उनके हवाले करने की मांग की। थानाध्यक्ष सुबोध ममगाईं ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया।