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शहीदों और सैनिकों के नाम पर न की जाए राजनीति : धस्माना

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ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
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देश के लिए शहीद होने वालों का कोई धर्म, जाति, भाषा, बोली या प्रांत नहीं होता। उनका धर्म, जाति, भाषा सब कुछ देश होता है। यह बात कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धमस्माना ने रविवार को कौलागढ़ में शहीद नीरज थापा द्वार का लोकार्पण के अवसर पर कही।
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22 अक्तूबर 2002 को कश्मीर के कुपवाड़ा में देश की रक्षा में तैनात राइफल मैन नीरज थापा बार्डर पर गश्त करते हुए दुश्मनों द्वारा बिछाई गई लैंड माइन की चपेट में आकर शहीद हो गए थे। शहीद की याद में उनके गांव कौलागढ़ में नीरज थापा द्वार बनाया गया था, जिसे डंपर ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने द्वार का नए सिरे से निर्माण कराकर रविवार को इसका लोकार्पण किया। इस मौके पर धस्माना ने कहा कि शहीदों और सैनिकों के नाम पर राजनीति न की जाए। उन्होंने कहा कि बीते चार साल में देश के 997 सैनिक शहीद हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार केवल धर्म-जाति, भाषा-प्रांत पर राजनीतिक बयानबाजी कर रही है। कार्यक्रम में गोरखाली सुधार सभा के पूर्व अध्यक्ष कर्नल बीएस क्षेत्री, कांग्रेस नेता उपेंद्र थापली, शहीद नीरज की माता सीता थापा, पिता मनोहर थापा, भाई धीरज थापा, घनश्याम वर्मा, अनिल बस्नेत, विपुल नौटियाल, संजय थापा, राजेंद्र धवन, दीवान सिंह बिष्ट, सुमित खन्ना, सागर गुरुंग आदि मौजूद रहे।
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