फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांगेंगे नहीं, अब छीनकर लेंगे अपना हक

विज्ञापन
विज्ञापन
सभी केंद्र : फोटो समेत
विज्ञापन


मांगेंगे नहीं, अब छीनकर लेंगे अपना हक

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह बोले

अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह ने कहा कि किसान अपना हक अब मांगकर नहीं, छीनकर लेंगे। किसान कटोरा लेकर नहीं घूमेगा और मांगने का वक्त अब चला गया। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल की लागत का डेढ़ गुना दाम और किसानों के कर्ज माफी का बिल ‘किसान संसद’ के माध्यम से मोदी सरकार के सामने रख दिया है।
अमर उजाला से बातचीत में वीएम सिंह ने कहा कि विगत 15 सालों में साढ़े तीन लाख किसान आत्महत्या कर चुके हैं। मोदी सरकार में किसानों का शोषण और बढ़ा है। सभी राज्यों के किसानों की समस्या कर्ज के बोझ में दबना और फसल लागत का उचित दाम न मिलना है। इन्हीं मुद्दों को लेकर पिछले साल नवंबर में देशभर से हजारों किसानों ने दिल्ली में डेरा डाला और सरकार को झुकना पड़ा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा पेश कर किसानों को लागत का डेढ़ गुना लाभ देने से हाथ खड़े कर दिए थे, लेकिन बजट में डेढ़ गुना दाम देने की बात रखी है। आजादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ बजट में फसलों के दाम पर चर्चा हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

लेकिन इसमें भी सरकार किसानों को गच्चा देने की कोशिश में है। केंद्र सरकार साहूकार और समितियों से लेकर बैंकों का पूरा कर्ज माफ करे, ताकि किसानों के बच्चे खेतीबाड़ी शुरू कर सकें। वैसे भी मोदी सरकार युवाओं को नौकरी तो दे नहीं पा रही है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसान विरोधी है। सरकार किसानों को बर्बाद करने में तुली है। सरकार ने किसानों के कंधों पर बंदूक रखकर चलाई है। बजट में 11 लाख कर्ज करोड़ कर्ज देने की बात कही है। किसानों को कर्ज नहीं, बल्कि उनका अधिकार चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें