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मंत्री जी के सोशल मीडिया मैनेजर बने अटैच शिक्षक

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ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
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एक तरफ जहां प्रदेश के तमाम स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, वहीं दूसरी ओर दो शिक्षक केवल शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय की सोशल साइट्स चलाने के लिए तैनात किए गए हैं। शिक्षक शिकायत प्रकोष्ठ के नाम पर निदेशालय में अटैच यह दोनों शिक्षक मंत्री का पीआर बढ़ाने की नौकरी बजा रहे हैं। वहीं, प्रकोष्ठ के अन्य शिक्षक भी दून में मौज काट रहे हैं। इनकी उपस्थिति से लेकर छुट्टी तक की जानकारी विभागीय अधिकारियों को नहीं है। सीधे मंत्री से जुड़े होने के कारण निदेशालय स्तर का कोई अधिकारी इनके खिलाफ बोलने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहा है। भौतिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय के शिक्षकों के अटैच होने के कारण छात्र-छात्राओं को भी पढ़ाई में नुकसान झेलना पड़ रहा है।
30 मई 2017 को शिक्षक शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में दो भौतिक विज्ञान के प्रवक्ताओं समेत पांच शिक्षकों को निदेशालय से अटैच किया गया था। तब भी अन्य शिक्षकों ने इस पर आपत्ति जताई थी। शिक्षक संगठन पदाधिकारियों ने कहा था कि इतनी बड़ी अधिकारियों की फौज के बावजूद शिक्षकों की जिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, उसे सामान्य शिक्षक कैसे निपटाएंगे। कुछ समय निदेशालय में काम करने के बाद इनमें से दो शिक्षक प्रणय बहुगुणा और शैलेंद्र जोशी ने शिक्षा मंत्री का सोशल मीडिया संभाल लिया। अब यही दोनों शिक्षक मंत्री का फेसबुक और ट्विटर समेत अन्य सोशल मीडिया संभाल रहे हैं। खास बात यह है कि दोनों ही भौतिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय के प्रवक्ता हैं। उनके निदेशालय से अटैच रहने के कारण स्कूलों में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में नुकसान हो रहा है। वहीं, रोक के बावजूद अटैचमेंट होने से अन्य शिक्षकों में भी रोष है। इस संबंध में शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो फोन उनके पीए ने उठाया और उनके कही बाहर होने की बात कही। उनसे संपर्क होने पर उनका पक्ष प्रकाशित किया जाएगा।
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प्रकोष्ठ में यह पांच शिक्षक
प्रकोष्ठ में राइका टलूडा, नैनीताल के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता शैलेंद्र जोशी, राइका बाड़ा बचनस्यूं, रुद्रप्रयाग के प्रणय बहुगुणा, राइका बड़िया, खटीमा, ऊधम सिंह नगर के उमेश चंद्र शाह, राइका म्याडी टिहरी की उषा गैरोला और राप्रावि डांडा बुडाली, कीर्तिनगर टिहरी गढ़वाल के कमलेश्वर प्रसाद डिमरी शामिल हैं।
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मेरे स्कूल में एक प्रमोटी भौतिक विज्ञान का शिक्षक है। उसने वहां सारी व्यवस्था संभाल रखी है। स्कूल में पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही है। वहीं शैलेंद्र जोशी प्रत्येक 15 दिन में स्कूल जाकर पढ़ाते हैं। उनके स्कूल में भी पढ़ाई पर कोई असर नहीं है।
प्रणय बहुगुणा, शिकायत प्रकोष्ठ में अटैच शिक्षक
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तैनात पांच, ड्यूटी पर एक
शिकायत प्रकोष्ठ में यूं तो पांच शिक्षक तैनात हैं, लेकिन उनमें से अधिकांश अक्सर गायब रहते हैं। शिकायत मिलने पर अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे जब प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। प्रकोष्ठ में कोई भी शिक्षक या कर्मचारी नहीं दिखा। फोन पर संपर्क करने पर कमलेश्वर प्रसाद डिमरी प्रकोष्ठ में पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह भोजन करने गए थे। अन्य शिक्षकों के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि प्रणय बहुगुणा और शैलेंद्र नेगी शिक्षा मंत्री के आवास में जाते हैं। अन्य दो शिक्षक छुट्टी पर हैं। हाजिरी रजिस्टर में पिछले एक से चार जनवरी तक केवल उनके ही हस्ताक्षर हैं। काम के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि अब तक 237 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिन्हें वह आगे बढ़ा देते हैं। उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा उमा दत्त गोस्वामी को प्रकोष्ठ के देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन ऊंची पहुंच वाले इन शिक्षकों के सामने वह पूरी तरह नतमस्तक हैं। शिक्षकों की उपस्थिति और काम के सवाल पर उन्होंने सपाट जवाब दिया कि ‘मैं इस मामले में कोई जानकारी नहीं दे सकता’। इसके तुरंत बाद उन्होंने छुट्टी पर होने की बात कहते हुए फोन काट दिया।
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अतिथि शिक्षक लगाने की कोशिश
सूत्रों के अनुसार, अटैच हुए शिक्षकों के स्थान पर स्कूलों में अतिथि शिक्षकों को लगाने की तैयारी चल रही है। कुछ दिन पूर्व यह मामला निदेशक आरके कुंवर के सामने पहुंचा था, जिस पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि अटैच शिक्षकों का वेतन भी मूल विद्यालय से निकल रहा है, ऐसे में उसी पद पर अतिथि शिक्षक को तैनात नहीं किया जा सकता। बताया जा रहा है कि इसको लेकर प्रकोष्ठ के कुछ शिक्षक उनसे नाराज भी हो गए थे।
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