ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
शिक्षा विभाग में जहां कई शिक्षकों की पूरी नौकरी दुर्गम में ही कट गई, वहीं कई शिक्षक ऐसे भी हैं, जो केवल सुगम में मौज काट रहे हैं। उनके ट्रांसफर भी सुगम से सुगम में ही हुए। कई अन्य केवल एक से दूसरे दफ्तर में ट्रांसफर हुए। कुछ अधिकारी व शिक्षक ऐसे भी हैं, जो दुर्गम में तैनात होने के बावजूद सुगम में ही नौकरी बजा रहे हैं। इसके अलावा कई अधिकारी वर्षों से एक ही पद और जगह पर जमे हुए हैं।
नियमों के मुताबिक एक अधिकारी या कर्मचारी अधिकतम तीन वर्ष तक ही एक पद या स्थान पर सेवा दे सकता है। इसके बादजूद जहां सैकड़ों शिक्षक वर्षों से सुगम में ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कई अधिकारी व शिक्षक सेटिंग के दम पर सुगम में ही जमे हैं और रिटायरमेंट के करीब पहुंच गए हैं। कोई भी सरकार आए और जाए, लेकिन इनकी कुर्सी को हिलाने वाला कोई नहीं है। इनमें से अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी सेंटिंग के दम पर कुर्सियों पर जमे हैं।
मध्याह्न भोजन योजना के संयुक्त निदेशक परमिंदर बिष्ट, फील्ड इंवेस्टिगेटर हिमांशु रावत और कमलेश खंडूड़ी कई वर्षों से जमे हुए हैं। निदेशालय में मुकेश बहुगुणा और संजय पंत भी वर्षों से तैनात हैं। इनका तबादला केवल एक से दूसरे पटल में हुआ है। एससीईआरटी की सुनीता भट्ट भी इन्हीं में से एक हैं। पहले एसएसए, फिर स्वजल और अब एससीईआरटी में तैनात हैं। आशा पैन्यूली, उमा पंवार, हेमलता भट्ट, एसबी जोशी और आरएस रावत का तबादला केवल दून के एक से दूसरे कार्यालय में होता रहा है।
डेप्युटेशन में कट रही नौकरी
विभाग में कई ऐसे कर्मचारी हैं, जिनकी नौकरी सुगम में डेप्युटेशन और अटैचमेंट पर चल रही है। भगवती प्रसाद मैंदोली 2005 से 2011 तक छह साल राजीव गांधी नवोदय विद्यालय, एकेडमिक रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर, 2017 तक डेप्युटेशन में एसएसए और अब एससीईआरटी में तैनात हैं। अभी वह एसएसए में अटैच हैं। संजय भट्ट जुलाई 2006 से सितंबर 2006 तक एसएसए टिहरी, 2006 से 2012 तक एसएसए देहरादून और 2015 से अब तक एसपीओ रमसा में प्रतिनियुक्ति पर तैनात रहे हैं।
तीन तबादले, तीनों सुगम
निदेशालय में तैनात मुकेश बहुगुणा के 2004 से अब तक तीन बार तबादले हुए, लेकिन केवल एक से दूसरे पटल में। 2004 से 13 तक वह माध्यमिक निदेशालय, 2013 से 2016 तक प्राथमिक निदेशालय और 2016 से अभी तक निदेशालय सामान्य कार्यालय में तैनात हैं। मुख्य सहायक साबर सिंह रौथाण 2004 से 2013 तक प्राथमिक निदेशालय और फिर 2013 से अभी तक निदेशालय सामान्य कार्यालय में कार्यरत हैं। संजय पंत 2004 से अब तक माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में ही तैनात हैं।
प्रतिनियुक्ति से नहीं लौटे वापस
शिक्षा विभाग में कई ऐसे भी अधिकारी व शिक्षक हैं, जो वर्षों से प्रतिनियुक्ति पर हैं। आदेश के बावजूद ये मूल विभाग में वापस लौटने को तैयार नहीं हैं। बाल संरक्षण आयोग में प्रतिनियुक्ति पर सचिव पद पर तैनात शक्ति प्रसाद सेमवाल इन्हीं में से एक हैं। सेमवाल की लगभग पूरी सेवा सुगम की है।
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मेरे पास ऐसी कई शिकायतें आई हैं, जिनमें सेटिंग के दम पर कई लोग वर्षों से सुगम में ही नौकरी कर रहे हैं। दूसरी ओर सैकड़ों शिक्षक जरूरत और पात्र होने के बावजूद सुगम में नहीं आ पा रहे हैं। इन्हीं सब विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। एक्ट में इन्हीं सब विसंगितयों को दूर किया जाएगा।
अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड