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-फेसबुक की मदद से ढूंढा गुमशुदा किशोर

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फेसबुक की मदद से ढूंढा गुमशुदा किशोर
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ब्यूरो/अमर उजाल/देहरादून।
पटेलनगर पुलिस ने फेसबुक की मदद से साढ़े तीन साल पहले पटेलनगर क्षेत्र से लापता हुए किशोर को लाल किला दिल्ली से बरामद किया हैं। ऑपरेशन स्माइल के तहत भी किशोर की खोजबीन हुई थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला था। वहीं साढ़े तीन साल बाद लाड़ले को अपने बीच पाकर परिजन गदगद हैं।
उत्तर प्रदेश, हरदोई का मूल निवासी राम सिंह परिवार के साथ पटेलनगर में गुरु रोड पर रहता है। पुलिस के अनुसार राम सिंह का बेटा सुमित (14) छह अप्रैल 2014 को घर से नाराज होकर चला लापता हो गया था। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जो बाद में अपहरण में तरमीम हो गई थी। एक साल बाद मामले में एफआर लगा दी गई। ऑपरेशन स्माइल में भी सुमित का पता लगाने की कोशिश हुई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसी बीच सुमित के चाचा श्याम सिंह ने एसएसपी निवेदिता कुकरेती से मिलकर अपनी पीड़ा बताई। एसएसपी ने सहायक पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल प्रभारी योगेश चंद और पटेलनगर इंस्पेक्टर रितेश शाह को सुमित की खोज में लगाया। पुलिस ने फेसबुक पर सुमित नाम की तमाम आईडी का ब्योरा खंगाला। इसमें एक चेहरा लापता सुमित से मिलता-जुलता था। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को फोटो दिखाई तो उन्होंने सुमित होने की संभावना जताई। इसके बाद पुलिस ने लोकेशन ट्रैस कर सुमित को दिल्ली के लाल किला के पास से बरामद कर लिया। सुमित वहां नींबू पानी और लेमन सोडा की ठेली लगा रहा था।
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एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि सुमित नाराजगी के चलते घर छोड़ गया था। घर से निकलकर सुमित पहले गाजियाबाद और फिर दिल्ली पहुंचा था। हालांकि परिवार के बीच आकर सुमित अब खुश है।
बेटे को पाकर मां-बाप के छलके आंसू
बेटे को अपने बीच पाकर पिता राम सिंह और मां बबिता की आंखों में आंसू छलक गए। पिता राम सिंह का कहना था कि वे तो बेटे की वापसी की उम्मीद छोड़ बैठे थे। क्याेंकि साढ़े तीन साल में काफी खोजबीन के बाद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। आखिरी बार एसएसपी से गुहार लगाकर चुप बैठ गए थे। हालांकि पुलिस का प्रयास सफल रहा और उनका बेटा मिल गया।
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धन कमाकर लौटना चाहता था घर
सुमित का कहना था कि घर से निकलने के बाद काफी दिक्कतें आईं। परिवार की याद बहुत आई, लेकिन लौटने की हिम्मत नहीं जुटा सका। सुमित के अनुसार वह धन कमाकर कर घर लौटने का इरादा थी, लेकिन ज्यादा धन नहीं जुटा पाया।
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पुलिस टीम को पुरस्कार
एसएसपी ने सुमित को बरामद करने वाली टीम में शामिल सहायक पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, साइबर सेल के उप निरीक्षक शैलेश राणा, उप निरीक्षक विवेक भंडारी और कांस्टेबल आशीष राठी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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