अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तरी हरिद्वार के सप्तसरोवर क्षेत्र की रानी गली में सड़क धंसने से अफरातफरी मच गई। सड़क धंसने की वजह जमीन के नीचे केबल बिछा रही कंपनी की ओर से बड़ा गड्ढ़ा खुला छोड़ना बताया जा रहा है। इस दौरान दो आश्रमों की नींव भी दरक गई। वहीं पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र की कई कालोनियों में पेयजल संकट गहरा गया। जलसंस्थान और नगर निगम के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर लोगों की समस्याएं सुनीं।
उत्तरी हरिद्वार में इन दिनों एक संचार कंपनी जमीन के नीचे केबल बिछाने का काम कर रही है। पिछले सप्ताह सप्तसरोवर क्षेत्र स्थित रानी गली में कंपनी ने केबल बिछाने के लिए बड़ा गड्ढ़ा खोदकर छोड़ दिया था। चार दिन पहले हुई भारी बारिश से गड्ढे में पानी भरने से जमीन दरक गई और अब जब धूप निकली तो करीब एक सौ मीटर सड़क धंस गई।
सड़क धंसने से क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। पास में ही स्थित वृद्धाश्रम और उसके पास स्थित एक अन्य भवन की नींव भी दरक गई है। साथ ही सड़क किनारे से जा रही पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त होने से सोमवार सुबह से ही पूरे इलाके में पेयजल का संकट बना रहा। रानीगली क्षेत्र की रानी गली, पीपल वाली गली, नेपाली गली, चोपड़ा भवन और भारतमातापुरम आदि क्षेत्रों के घरों में पानी नहीं आया। ऐसे में लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करके पेयजल का इंतजाम करना पड़ा। जबकि लाइन क्षतिग्रस्त होने से पानी सड़क पर बहता रहा। लोगों के बुलावे पर जलसंस्थान के अवर अभियंता राकेश बमराड़ा ने सहकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचकर पंप को बंद कराया।
सुबह जब लोगों ने सड़क धंसी देखी तो वहां भारी भीड़ जमा हो गई। देर शाम मेयर मनोज गर्ग ने मौैके का निरीक्षण किया और समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान पार्षद अनिल मिश्रा, बागेश्वर पांडे, हरीश नरुला समेत बड़ी संख्या में लोगों ने मेयर को क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी दी। मेयर मनोज गर्ग ने शाम को ही जेसीबी मंगवाकर सड़क निर्माण का काम शुरू करवाया। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर उनसे भी बात की जाएगी।
गड्ढे में फंस गई ट्रैक्टर -ट्राली
सड़क धंसने से सोमवार दोपहर सामान लेकर आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली धंस गई। इससे करीब तीन घंटे तक इस गली में रास्ता जाम रहा। पहले तो आसपास के लोगों ने खुद ही ट्रैक्टर-ट्रॉली को गड्ढे से निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहंी मिली। इसके बाद जेसीबी बुलाई गई। जेसीबी के आने से सड़क और भी ज्यादा धंस गई। इसके बाद काफी प्रयास करने के बाद जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकाला गया।