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पटरी पर पेयजल लाइन बिछाने का काम शुरू

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अमर उजाला ब्यूरो
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हरिद्वार।
कांवड़ मेले से पांच दिन पहले ही सही आखिरकार कांवड़ पटरी मार्ग पर सुविधाएं जुटाने का कार्य शुरू हो गया। पटरी मार्ग पर जेसीबी से खुदाई कर पेयजल लाइन डाली गई। पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए पोल लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया। वहीं नहर की जगह जगह से क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत के लिए निर्माण सामग्री पहुंचा दी गई है।
कांवड़ मेले की कागजी तैयारियां दो महीने से चल रही हैं। मैराथन बैठकों का दौर लगातार जारी है। इसके बावजूद एक हफ्ते पहले तक कांवड़ पटरी पर पेयजल, पथ प्रकाश जैसी कोई भी सुविधा वजूद में नहीं आ पाई थी। कांवड़ मेले में करोड़ों शिवभक्तों की आमद को देखते हुए अमर उजाला लगातार कांवड़ पटरी की बदहाली की तरफ प्रशासन का ध्यान दिलाता रहा। इसका नतीजा यह रहा कि रविवार को जिलाधिकारी दीपक रावत ने लापरवाही का संज्ञान लेते हुए सिंचाई विभाग के रुड़की और हरिद्वार खंडों के अधिशासी अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को चिट्ठी लिख दी। वहीं डीएम की सख्ती का असर अगले ही दिन सोमवार को कांवड़ पटरी पर दिखाई दिया। सिंहद्वार से ज्वालापुर के बीच कांवड़ पटरी पर पेयजल लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया। मार्ग के दूसरे किनारे पर नहर की तरफ पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए लकड़ी के पोल लगाने का काम भी शुरू कर दिया गया।
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पटरी पर अब भी गड्ढे और झाड़ियां
कांवड़ पटरी पर पेयजल, पथ प्रकाश और दीवार मरम्मत का काम शुरू हो गया, लेकिन जगह जगह गड्ढे अभी भी बने हुए हैं। मायापुर डामकोठी से लेकर सिंहद्वार तक पटरी मार्ग पर टाइल्स धंसी हुई हैं। वहीं झाड़ियां भी अभी तक नहीं काटी गई है। यदि कांवड़ पटरी पर व्यवस्थाएं जल्द पूरी न की गई तो बारिश तैयारियों में बाधा बन सकती है।
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खुला नाला बन सकता है हादसे का कारण
फोरलेन निर्माण के साथ ही कांवड़ पटरी और हाइवे के बीच में एक नाले का निर्माण भी किया गया है। जगह जगह से यह नाला खुला हुआ है। जिसे स्लैब से ढकने की जरूरत है। कांवड़ मेले के दौरान पटरी मार्ग पर कांवड़ियों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में रात के समय खुला नाला हादसे का कारण बन सकता है।
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