तकनीकी विवि के पूर्व कुलपति पर 25 हजार का जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पीके गर्ग पर सूचना आयोग ने समय से पत्रावली उपलब्ध न कराने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
तकनीकी विवि में बतौर उप परीक्षा नियंत्रक सेवाएं देने वाले अवधेश नौटियाल को प्रतिनियुक्ति खत्म करते हुए पद से हटा दिया गया था जबकि उनका कहना था कि वह प्रतिनियुक्ति पर नहीं थे। मामले में अवधेश नौटियाल ने प्रतिनियुक्ति आदेश आदि की पत्रावलियां सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगे थे। बार-बार मांग करने के बावजूद विवि ने सूचना उपलब्ध नहीं कराई। जब राज्य सूचना आयोग के सामने पूरा मामला पेश किया गया तो आयोग ने विवि के तत्कालीन कुलपति प्रो. पीके गर्ग को पत्रावली उपलब्ध न कराने का दोषी माना। मुख्य सूचना आयुक्त शत्रुघ्न सिंह ने आदेश जारी किया है कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20(1) के तहत तत्कालीन कुलपति प्रो. पीके गर्ग पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही यह भी कहा है कि चूंकि प्रो. गर्ग अब आईआईटी रुड़की में अपने मूल सिविल इंजीनियरिंग विभाग में सेवाएं दे रहे हैं तो ऐसे में अगर वह यह रकम कोषागार में जमा नहीं कराते हैं तो आईआईटी रुड़की को तीन माह जून, जुलाई और अगस्त में उनके वेतन से यह पैसा काटकर जमा कराना होगा। जून में आठ हजार रुपये, जुलाई में आठ हजार रुपये और अगस्त में नौ हजार रुपये की धनराशि वेतन से काटनी होगी। मामले में पक्ष जानने के लिए तत्कालीन कुलपति प्रो. पीके गर्ग को आदेश की कॉपी भेजी गई लेकिन उनका जवाब नहीं मिला। जब उनका पक्ष आएगा तो वह भी प्रकाशित किया जाएगा।