ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
लैंसडौन चौक का नाम अब महाराजा प्रद्युम्न शाह के नाम पर होगा। टिहरी शहर की 203वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि मेयर सुनील उनियाल गामा ने यह घोषणा की।
परेड मैदान के समीप एक होटल में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में टिहरी शहर की 203वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर महाराजा प्रद्युम्न शाह मेमोरियल सोसायटी की ओर से बनाए गए कैलेंडर का विमोचन भी किया गया। सोसायटी की मांग पर मेयर गामा ने महाराजा प्रद्युम्न शाह के नाम पर चौक का नाम रखने के साथ ही चौक पर मूर्ति लगाने की भी घोषणा की। इसके लिए नगर निगम बोर्ड जल्द ही प्रस्ताव पास करेगा।
मेयर ने कहा कि देश के विकास में टिहरी का योगदान अहम है। टिहरी के त्याग से ही नौ राज्यों को बिजली मिल रही है। कार्यक्रम में घोषणा करते हुए मेयर गामा ने कहा कि हरिद्वार बाईपास में टिहरी नगर को विकसित किया जाएगा। इस मौके पर चंद्र दत्त सुयाल ने टिहरी पर गीतों की प्रस्तुति से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। सोसायटी के अध्यक्ष शीशपाल गुसाईं ने कहा कि 1804 में महाराजा प्रद्युम्न शाह गढ़वाल राज्य के लिए देहरादून में शहीद हुए थे। उनका संघर्ष आज की पीढ़ी को याद रखना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि टिहरी शहर का इतिहास गौरवशाली रहा है। टिहरी शहर लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार डॉ. योगंबर सिंह बर्त्थवाल ने की। इस मौके पर श्रीदेवसुमन संस्था के अध्यक्ष डॉ. एमआर सकलानी, कवि वीरेंद्र डंगवाल पार्थ, राजेंद्र काला, डॉ. सत्या नंद बडोनी, शूरवीर रावत, चंदन सिंह नेगी, चतुर सिंह नेगी, विजेंद्र रावत, कुसुम रावत, देवेंद्र दुमोगा, ओम रतूड़ी, विनोद उनियाल, पंकज कुकरेती, विनोद आदि मौजूद रहे।