ब्यूरो/अमर उजाला/ देहरादून।
बीते शुक्रवार से लागू हुए नए सर्किल रेट से ग्रामीण क्षेत्रों के दिन बहुरने की उम्मीद बढ़ गई है। अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों का सर्किल रेट कम होने के चलते किसान और भूस्वामी जमीन बेचने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे, लेकिन सर्किट रेट बढ़ने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनों की बिक्री के आसार बढ़ गए हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार भी गांव की ओर जाने की उम्मीद है। हालांकि प्रॉपर्टी खरीदने वालों को कोई खास सहूलियत व लाभ नहीं मिलेगा।
वर्ष 2016 के बाद बीते शुक्रवार को नए सर्किल रेट लागू करने की घोषणा कर दी गई है। नए सर्किल रेट शहर के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक हुए हैं। दून नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों का सर्किल रेट 58 प्रतिशत और विकासनगर ग्रामीण क्षेत्र में 110 प्रतिशत तक बढ़ा है। ऐसे में रियल एस्टेट कारोबारियों का मानना है कि बढ़े सर्किल रेट से जमीनें महंगी होने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की खरीद फरोख्त बढ़ेगी। हालांकि कई बिल्डर मानते हैं कि सर्किल रेट बढ़ने से जमीन की कीमत भी बढ़ जाएगी, लेकिन अंतत: बढ़ी कीमत का दबाव ग्राहकों पर ही पड़ेगा। वहीं कई रियल एस्टेट कारोबारियों का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी का प्रभाव के चलते अभी प्रॉपर्टी में इनवेस्ट कम हो रहा है, लेकिन प्रॉपर्टी बाजार अब धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।
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सर्किल रेट रिवाइज होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संभावनाएं बढ़ेंगी। प्रोजेक्ट महंगे होंगे, जिसका बोझ बिल्डरों के साथ ही ग्राहकों पर भी पड़ेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के दाम भी बढ़ेंगे। -राजीव ठाकुर
नोटबंदी और जीएसटी के चलते बिल्डरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में रियल एस्टेट बाजार उछाल मारेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोजेक्ट लांच होंगे। -दीपक कुमार शर्मा
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फिलवक्त रियल एस्टेट कारोबार पूरी तरह से ठप है। ऐसे में सर्किल रेट बढ़ाने की जरूरत नहीं थी। शहरी क्षेत्र में जमीन कम है। ऐसे में बिल्डर ग्रामीण क्षेत्रों में ही अपने प्रोजेक्ट लांच करेगा।-राजा डोगरा
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दून के 121 पॉश इलाकों में सर्किल रेट नहीं बढ़ाए गए हैं। हालांकि यहां पहले से ही जमीन के रेट बहुत ज्यादा हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ही संभावनाएं थी, लेकिन अब वहां भी सर्किल रेट बढ़ गए हैं।-राजीव गर्ग