ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
10 साल बाद देहरादून नगर निगम के चुनाव एक बार फिर नए सिरे से होंगे। पिछली बार 2007 में नगर निगम का परिसीमन हुआ था। वहीं, अब परिसीमन के ड्राफ्ट के बाद जातिगत सर्वेक्षण से सीटों का आरक्षण तय होगा।
आठ दिसंबर 1998 को जब देहरादून नगर निगम बना तो शहर में वार्डों की संख्या 33 थी। इसके बाद यह संख्या बढ़कर 45 हो गई। वहीं, 2007 के चुनाव को लेकर वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया गया। जिसके बाद 60 वार्ड हो गए। करीब 10 साल बाद नगर निगम ने फिर वार्डों का नए सिरे से परिसीमन किया है। जिसके बाद अब राजधानी के नगर निगम में वार्डों की संख्या 60 से बढ़कर 100 हो गई है। निगम के अधिकारियों के मुताबिक परिसीमन के ड्राफ्ट के बाद अल्पकालीन जातिगत सर्वे कराया जाएगा। जिसके बाद वार्डों की सीटों पर नए सिरे आरक्षण होगा। इसी के साथ ही कई वार्डों में आरक्षण का समीकरण बिगड़ सकता है। वर्तमान पार्षद के साथ ही दावेदारों को दिक्कत पेश आ सकती है। हालांकि पार्षदों के मुताबिक सीटों के आरक्षण से फर्क जरूर पड़ेगा। लेकिन, जनता उसी को अपना वोट देगी, जो कार्य करेगा।
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वर्तमान में यह सीटें हैं आरक्षित
विजय कॉलोनी, कांवली रोड, पटेल नगर, करनपुर, डीएल रोड, माता मंदिर बाग, कंडोली, आर्य नगर, जाखन, राजपुर, चुक्खू मोहल्ला।
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परिसीमन का ड्राफ्ट जिलाधिकारी के माध्यम से शहरी विकास निदेशालय को भेज दी गई है। आपत्तियां सुने जाने के बाद अल्पकालीन सर्वे कराया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। उसी के आधार पर सीटों का आरक्षण तय होगा।
- विजय कुमार जोगदंडे, नगर आयुक्त