अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
बुधवार को हुई बारिश से एनएचएआई के जल निकासी के नालों तथा अनुरक्षण शाखा की सीवर लाइनों की पोल खुल गई है। सीवर का गंदा पानी लोगों के घरों तक घुस गया।
हाईवे से लिंक रानीगली सीवर लाइन के ओवर फ्लो होने से लोगों के घरों व रसोई में सीवर का पानी भर गया है। भारी दुर्गंध के चलते लोगों का घरों के अंदर रहना, खाना मुश्किल हो गया। पार्षद अनिल मिश्रा ने सिटी मजिस्ट्रेट व अनुरक्षण शाखा के अधिकारियों को भयावह स्थिति दिखाई। चोपड़ा भवन रानीगली निवासी अमित पुरी, धर्मेंद्र पुरी, राजेश पुरी, सुभाष गोस्वामी, संजय लखेड़ा, चंद्रभान अग्रवाल आदि के घरों के अंदर सीवरयुक्त पानी भर गया। लोगों ने आरोप लगाया कि अनुरक्षण शाखा द्वारा माहेश्वरी धर्मशाला, श्रीधर धाम की सीवर लाइन को भी रानीगली की लाइन में जोड़ने और नाला निर्माण ठीक से नहीं कराने से बारिश का पानी भी गली में आने स्थिति बिगड़ी है। उन्होंने मांग की कि सैकड़ों कमरों वाली धर्मशाला व आश्रम की सीवर लाइन को रानीगली की लाइन में जोड़ने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इन धर्मशालाओं की सीवर लाइन पहले हाईवे के साथ जा रही मेन लाइन से जुड़ी थी।
हरिद्वार। भूपतवाला में हाइवे चौड़ीकरण में एनएचएआई के अधिकारी विवेकेश्वर आश्रम पर भी मेहरबान हुए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह ने भी बुधवार का आश्रम के आगे नाला निर्माण का नजारा देखा। आश्रम के महंत ने दिल्ली दरबार से एप्रोच लगाकर मंदिर की आड़ में हाईवे चौड़ीकरण में आ रहे फ्रंट का बचा लिया है। इस स्थान पर नाला यू शेप में बनाया जा रहा है। सर्विस रोड की चौड़ाई भी कम कर दी गई है। जबकि पहले एनएचएआई की कार्यदायी कंपनी ने आश्रम की बाउंड्री तक दोनों तरफ नाला बना रखा है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक पीएस गुसाईं का कहना था आश्रम का मंदिर ध्वस्त करने के बाद नाला सीधा जोड़ा जाएगा और सर्विस रोड भी कंपलीट की जाएगी। आश्रम के महंत ने मंदिर बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, उनके निजी सचिव वैभव डांगे आदि से सिफारिश कराई है। (ब्यूरो)
एसडीएम ने पाई निर्माण में खामियां
हरिद्वार। पार्षद अनिल मिश्रा की शिकायत पर सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह ने अधिकारियों की टीम के साथ हाईवे निर्माण के कार्यों का जायजा लिया। दूधाधारी चौक भूपतवाला क्षेत्र में हाईवे चौड़ीकरण तथा दोनों ओर नालों के निर्माण का निरीक्षण के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि कई जगह हाईवे चौड़ीकरण तथा नालों के निर्माण में गड़बड़ी दिखाई दे रही है। डीपीआर के अनुसार कई स्थानों पर चौड़ीकरण नहीं किया गया है। दोनों तरफ नालों के निर्माण के बाद पानी, सीवर तथा बिजली की लाइन डालने के लिए जगह ही नहीं है। कई स्थानों पर बड़े होटल, आश्रम व धर्मशालाओं के आगे नालों की चौड़ाई भी मानक के मुताबिक नहीं है। चोपड़ा भवन के कई घरों के अंदर कई फीट सीवर का पानी भरने और रानीगली के सीवरमय होने से स्थिति देख कर सिटी मजिस्ट्रेट ने अनुरक्षण शाखा के अधिकारियों को फटकारा और सीवर लाइन को सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हाईवे चौड़करण की कार्यदायी कंपनी एरा के लाइजनिंग अधिकारी अतुल शर्मा की भी क्लास ली।
सिटी मजिस्ट्रेट ने जांगड़ा धर्मशाला के बगल में नाले पर डाले गए लेंटर को ध्वस्त करा दिया। निरीक्षण में उनके साथ ही सहायक नगर आयुक्त बीएल आर्य, तकनीकी सलाहकार अब्दुल रऊफ, अनुरक्षण शाखा के अधिशासी अभियंता अजय कुमार, सहायक अभियंता आरके चौहान व एरा के अतुल शर्मा आदि थे।