मनीष त्रिपाठी
विकासनगर। चकराता विकासखंड के ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में इस बार 69 सालों का इतिहास बदल सकता है। पूर्ण बहुमत होने के बावजूद ब्लॉक प्रमुख की सीट कांग्रेस के हाथ से निकल सकती है। जिससे भाजपा खेमा उत्साहित नजर आ रहा है।
दरअसल, इस बार चकराता ब्लॉक प्रमुख की सीट महिला ओबीसी के लिए आरक्षित है। जिसके सापेक्ष सिर्फ कुनैन में ही अन्य पिछड़ा वर्ग की सीट महिला के लिए आरक्षित थी। इस सीट पर कांग्रेस ने रुचि देवी को अपना समर्थन दिया हुआ था जबकि, भाजपा ने अपना समर्थन निधि पत्नी नरेंद्र सिंह को दिया हुआ था। वहीं भाजपा ने एहतियात के तौर पर खारसी महिला सामान्य सीट से ओबीसी वर्ग की शिवानी मल्ल को भी उम्मीदवार बनाया था।
क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रीतम सिंह का गढ़ होने के कारण कांग्रेस को पूरी उम्मीद थी कि कुनैन सीट पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार का ही कब्जा होगा जबकि, भाजपा ने इस बार प्रीतम सिंह को मात देने के लिए अपनी पूरी ताकत कुनैन सीट पर लगाई हुई थी। जिसमें भाजपा कामयाब भी हुई। अब भाजपा के पास ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ाने के लिए दो ओबीसी महिलाएं हैं जबकि, कांग्रेस के पास कोई भी प्रत्याशी नहीं है। ऐसे में पूर्ण बहुमत के बाद भी कांग्रेस इस बार ब्लॉक प्रमुख सीट से वंचित रह सकती है। बीडीसी के चुनाव में कांग्रेस समर्थित 28 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है तो भाजपा समर्थित सिर्फ 12 ही उम्मीदवार जीत सके हैं। लेकिन प्रत्याशी के अभाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का निर्विरोध रूप से ब्लॉक प्रमुख बनना तय माना जा रहा है। अब भाजपा ब्लॉक प्रमुख सीट में निधि और शिवानी मल्ल में से किसे चुनती है यह देखना बेहद रोचक होगा।
बदल गया था समीकरण
पहले कुनैन के साथ ही चिल्हाड़ बीडीसी सीट को भी ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था, लेकिन बाद में आपत्ति के बाद चिल्हाड़ सीट को ओबीसी वर्ग से हटा एसटी महिला के लिए आरक्षित किया गया था। यदि चिल्हाड़ सीट भी ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित होती तो यहां से क्षेत्रीय लोग निर्विरोध कांग्रेस के समर्थन में बीडीसी चुनने का मन बना चुके थे। लेकिन ऐन वक्त पर इस सीट के आरक्षण में फेरबदल कर दिया गया था।