पहाड़ों में लगातार जारी बारिश से यमुना में भारी मात्रा में पीपीएम (पार्ट्स प्रति मिलियन) आने के चलते डाकपत्थर बैराज से 65,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शक्ति नहर को बंद कर दिया गया है। ढकरानी और ढालीपुर जल विद्युत परियोजना में शाम 6 बजे से उत्पादन पूरी तरह से ठप कर दिया गया। यमुना खतरे के निशान को छूकर बह रही है। जलस्तर बढ़ता जा रहा है।
रविवार रात को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 455.37 पर पहुंच गया। नदी में पीपीएम की मात्रा बढ़ गई थी। सोमवार सुबह करीब 7.30 सात बजे डाकपत्थर बैराज से 29,500 क्यूसके पानी छोड़ा गया। शक्ति नहर को बंद कर दिया गया था। आठ बजे ढकरानी (33.75 मेगावाट) और ढालीपुर (51 मेगावाट) जल विद्युत परियोजना में उत्पादन ठप रहा। सुबह करीब 9.30 बजे पानी छोड़ा गया। सुबह 10.30 करीब ढाई घंटे बाद दोबारा उत्पादन शुरू हुआ।
शाम को फिर से नदी में पीपीएम की मात्रा बढ़ गई। शाम 5.30 बजे डाकपत्थर बैराज से 36,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शक्ति नहर बंद होने के कारण करीब 6 बजे ढकरानी और ढालीपुर जल विद्युत परियोजना में उत्पादन फिर से बंद हो गया। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि पीपीएम की मात्रा अधिक होने के कारण शक्ति नहर को बंद किया गया। पीपीएम की मात्रा कम होने पर नहर में पानी छोड़ा जाएगा।