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Iकूड़े से लोग ही परेशान नहीं हैं बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण पर पड़ेगा असरI
यदि कोई काम करना चाहे तो सब कुछ संभव है। नेशविला रोड पर कूड़ा फ्री प्वाइंट एक उदाहरण है। यहां पर कूड़े का ढेर लोगों के लिए नासूर बना था। लोगों की बार-बार शिकायत के बाद नगर निगम ने इस जगह को कूड़ा फ्री प्वाइंट बना दिया। इसके लिए निगम ने कूड़ा डालने वालों के चालान भी किए। नेशविला रोड की तरह कारगी रोड, दून पॉम सिटी, भंडारी बाग, रेलवे स्टेशन के पास, पटेल नगर कोतवाली रोड, लालपुल के पास, शिमला बाइपास आदि 100 प्वाइंट को भी कूड़ा फ्री करने की जरूरत है। इन जगहों पर कूड़े के ढेर लोगों के लिए परेशानी बने हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण आने वाला है, ऐसे में सर्वेक्षण पर फर्क डालेंगे।
दरअसल करीब छह महीने पहले निगम ने शहर को कूड़ेदान फ्री सिटी घोषित करते हुए शहर के अलग-अलग करीब 100 जगहों से कूड़ेदानों को हटा दिया था। लेकिन लोगों ने प्वाइंट पर कूड़ा डालना नहीं छोड़ा और कूड़े का ढेर लोगों के लिए मुसीबत बनने लगे। नेशविला रोड पर कूड़े की दुर्गंध से परेशान लोगों ने नगर निगम को कई बार शिकायत की। मामला मुख्यमंत्री पोर्टल तक पहुंचा। जिसके बाद निगम ने कूड़ा डालने वालों के खिलाफ सख्ती की और आज यह स्थान कूड़ा फ्री स्थान बन गया है।
Iऐसे सुधारे हालातI
नेशविला रोड पर जहां कूड़ा डाला जाता था वहां पास में ही स्कूल भी है। नगर आयुक्त ने प्वाइंट को कूड़ा फ्री बनाने के लिए सहायक नगर आयुक्त विजय चौहान को जिम्मेदारी सौंपी। सहायक नगर आयुक्त ने कूड़ा डालने वालों की निगरानी की। कूड़ा डालते पकड़े गए लोगों की समस्या सुनीं। समस्या का समाधान किया और जो नहीं माने उनका चालान किया। जिसके बाद से आज वहां कूड़ा डालना बंद हो गया।
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Iनगर निगम गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट को खत्म करने की तरफ कदम बढ़ा रहा है। नेशविला पर लोगों ने सहयोग किया। डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन को और बेहतर बनाया गया। इसके बाद भी वहां कूड़ा डालने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। इसी तरह अन्य प्वाइंट को भी कूड़ा फ्री बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। - विजय चौहान, सहायक नगर आयुक्तI