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खादी को रोजगार के रूप में अपनाएं युवा

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ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
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खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग की ओर से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में युवाओं को खादी को स्वरोजगार का जरिया बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
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खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के सहायक निदेशक एसआर डोभाल ने कहा कि ग्रामीण स्तर पर ऊन से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देकर विलुप्त हो रहे कुटीर उद्योगों को पुनर्जीवन दिया जा सकता है। विश्व में खादी भारतीयता की पहचान रही है। युवा पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर खादी से विमुख हो रहे हैं। जबकि, खादी से बने वस्त्र और सामग्री अन्य वस्त्रों से अधिक टिकाऊ होते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण स्तर पर चरखा, तकली को पुनर्जीवित कर खादी को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसके लिए जरूरी नहीं कि हर युवा भेड़पालन शुरू करे, बल्कि भेड़ पालन केंद्रों से ऊन लेकर ऊनी वस्त्रों की कताई-बुनाई का उद्योग शुरू कर स्वरोजगार के साथ ही स्वदेशी अभियान को सफल बनाया जा सकता है। कार्यशाला में युवाओं को ऊन और खादी उद्योग से संबंधित जानकारी मुहैया कराई गई। साथ ही उद्यमिता विकास, बाजार प्रबंधन, लेखांकन, बुक कीपिंग, बैंकिंग स्कीम, समय प्रबंधन, कैशलेस अर्थव्यवस्था की जानकारी भी दी गई। इस दौरान ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स के प्रबंधक अनिल नेगी, ललित गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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