ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। लोकसभा, विधानसभा और नगर निगम चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची बनाई जानी चाहिए। अलग-अलग सूची होने के कारणा हर बार मतदाताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नगर निगम का चुनाव काफी महत्वपूर्ण होता है, लेकिन, बीएलओ, जिला प्रशासन और नगर निगम की लापरवाही के चलते इस बार कई मतदाता मतदान से वंचित रहे गए। यह कहना उन लोगों का है जो मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण 18 नवंबर को मतदान नहीं कर पाए।
शुक्रवार को अमर उजाला के मोबाइल नंबर पर मैसेज कर उन्होंने आक्रोश जताया। कहा, राज्य निर्वाचन आयोग को इस पर विचार करते हुए एक ही वोटर लिस्ट तैयार करनी चाहिए। जिससे मतदाताओं को अपने अधिकार से वंचित न होना पड़े। वार्ड 54 स्थित एकता कॉलोनी, अजबपुर कलां निवासी एमएल नौटियाल बताते हैं कि यहां करीब 400 मतदाता हैं। लेकिन, वोटर लिस्ट में केवल 60-70 मतदाताओं के नाम चढ़े हुए हैं। बीएलओ ने पर्ची नहीं दी। जो पूरी तरह गलत है, इसमें सुधार की सख्त की जरूरत है।
अपने सपने संस्था के अध्यक्ष अरुण कुमार यादव ने बताया कि कई लोगों ने खुद चुनाव में मतदान के लिए प्रेरित किया, लेकिन उन्हीं का नाम वोटर लिस्ट से गायब था। ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग को वोटर लिस्ट में हटने वाले नामों को अखबारों के माध्यम से प्रकाशित करना चाहिए, ताकि वह उसमें सुधार कर सकें। सरस्वती विहार, अजबपुर खुर्द के कुंदन सिंह बिष्ट, धर्मेंद्र, पुष्पा, किरन आदि का कहना है कि उनकी कालोनी के दर्जनों लोगों के नाम गायब हैं। वह पहले भी वोटर आईडी में गड़बड़ी की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सुनवाई नहीं हुई। सेवानिवृत्त बैंककर्मी जेसी पांडेय ने बताया कि उनके परिवार के पांच सदस्यों के नाम गायब हैं। इसके लिए जिम्मेदार बीएलओ और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।