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वैली ऑफ वर्ड्स -- फोटो -- साहित्य और लेखन का केंद्र बनेगा उतराखंड

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ब्यूरो/अमर उजाला।
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देहरादून। ‘वैली ऑफ वर्ड्स लिटरेचर’ फेस्टिवल के शुभारंभ पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि शिक्षण केंद्र के रूप में विख्यात देहरादून और उत्तराखंड, आने वाले समय में साहित्य व लेखन का केंद्र बनेगा। पिछले कुछ समय से दून में साहित्य, लेखन, कला एवं संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों के आयोजनों में बढ़ोत्तरी हुई है। देशभर में उत्तराखंड ने एक अलग पहचान बनाई है।
शुक्रवार को राजपुर रोड स्थित होटल मधुबन में तीन दिवसीय ‘वैली ऑफ वर्ड्स लिटरेचर’ फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ। अमर उजाला इस कार्यक्रम का हिंदी मीडिया पार्टनर है। इस अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने कहा कि लेखकों, कलाकारों, शिल्पकारों, पत्रकारों व प्रबुद्धजनों के एक मंच पर आने से समाज व राष्ट्र को लाभ मिलेगा। सुमित्रा नंदन पंत, गौरा पंत शिवानी, शैलेश मटियानी जैसे साहित्यकारों की यह धरती आज भी बौद्धिकता की केंद्र बिंदु है। कहा भी गया है कि साहित्य, संगीत और कलाविहीन व्यक्ति पशु के समान होता है। उन्होंने साहित्य और कला को आम आदमी तक पहुंचाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और इंटरनेट ने सूचनाओं को सर्वसुलभ तो किया, लेकिन लोगों को किताबों से दूर कर दिया है। विशेषकर नई पीढ़ी में किताबें पढ़ने की प्रवृत्ति लगभग खत्म हो गई है। इस पर ध्यान देने की सख्त जरूरत है। बाल साहित्य को कैसे अधिक रुचिकर और ज्ञानवर्द्धक बनाया जाए, इस पर मंथन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अच्छी रचनाओं को भाषा की सीमा में नहीं बांधा जा सकता। दुनिया की तमाम अच्छी रचनाओं का एक से दूसरी भाषा में बड़े पैमाने पर अनुवाद हुआ है, जिसे पाठकों ने हाथों-हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि रविंद्र नाथ टैगोर की गीतांजली को बांग्ला से अंग्रेजी में अनुवादित किया गया, जिसके चलते उन्हें साहित्य का नोबल मिला। उन्होंने कहा कि उस समय यदि प्रेमचंद के साहित्य का भी अंग्रेजी अनुवाद होता तो संभवत: वह वैश्विक स्तर पर ख्याति प्राप्त करते। फेस्टिवल के शुभारंभ पर वैली ऑफ वर्ड्स के विशेष डाक टिकट का भी विमोचन किया गया।
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इस अवसर पर राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के पति प्रदीप कुमार, बिबेक देबरॉय, लक्ष्मी शंकर वाजपेई, संजीव चोपड़ा, रश्मि चोपड़ा, राजेंद्र डोभाल, मे.ज. इयान कार्डोजो, रॉबिन गुप्ता समेत कई अन्य साहित्यकार, लेखक, कवि, चिंतक, पत्रकार व साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।
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